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अब बिना जांच नहीं रुकेगा मदरसा शिक्षकों का वेतन
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Aug 2017 11:40 PM IST
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MADARSA
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शिकायत के आधार पर मदरसा शिक्षकों का वेतन रोकने और फिर रुपये लेकर इसका समाधान करने का ‘खेल’ जिलाधिकारी की समझ में भी गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर दोष सिद्ध हुए बिना किसी मदरसा शिक्षक का वेतन पर रोकने पर ही रोक लगा दी है। अब शिकायत के बाद बकाया जांच होगी। दोषी पाए जाने पर ही संबंधित का वेतन रोका जाएगा और उस पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
शासन के निदेश पर पिछले महीने हुई अनुदानित मदरसों की जांच के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें उड़ने लगी हैं। जांच कई शिक्षकों के निर्धारित अर्हता पूरी न करने पर भी नौकरी पाने और नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करने कई मामले संज्ञान में आने से ये भी सवाल उठे हैं कि आखिर इसकी जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को कैसे नहीं थी। जिलाधिकारी की ओर गठित कमेटी ने जांच के बाद 18 शिक्षकों के खिलाफ गंभीर टिप्पणी कई गई थी। रिपोर्ट पहुंचने के बाद 26 जुलाई को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से सिर्फ आठ शिक्षकों का वेतन रोकने की संस्तुति की गई। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई तो 28 जुलाई को एक अन्य आदेश जारी कर आठ और शिक्षकों का वेतन रोका दिया गया। बताया कि पूर्व में जारी आदेश में इनके नाम छूट गए थे।
अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से एक शिकायत के आधार इन16 शिक्षकों से इतर कई अन्य शिक्षकों का वेतन भी रोकने की कोशिश की, लेकिन मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया। पाया गया कि शिकायत के आधार पर वेतन रोकने का खेल अल्पसंख्यक विभाग में काफी पुराना है।
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सिर्फ फर्जी शिकायतों पर ही शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाता है बाद में उसे ले देकर जारी कर दिया जाता है। इसके बाद गुरुवार को जिलाधिकारी ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को एक आदेश जारी शिकायत पर किसी का वेतन रोकने पर रोक लगा दी। आदेश के अनुसार अब अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिकायत के आधार पर जांच करेंगे। साक्ष्य सहित जांच आख्या में दोष सिद्ध होने पर इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। इसके बाद दोषी का वेतन रोका जाएगा और उस पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। आदेश से निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सीडीओ और भी मदरसों के प्रबंध को भी अवगत करा दिया गया है। आदेश के जारी होने से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में हड़कंप मचा है।
अपर सांख्यिकीय अधिकारी रखेंगे नजर
आजमगढ़। अपने आदेश के दौरान डीएम ने जिले के अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह को निर्देशित किया है कि वो मदरसा शिक्षकों के वेतन रोकने के प्रकरणों की जांच करेंगे। साथ ही जांच आख्या से समय-समय पर जिलाधिकारी को अवगत कराते रहेंगे।
सिर्फ शिकायत के आधार पर मदरसा शिक्षकों का वेतन रोकने का मामला संज्ञान में आया था। पता नहीं फ्रि वेतन जारी कैसे कर दिया जाता था। अब शिकायत के आधार पर मदरसा शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोकने पर रोक लगा दी गई है। पहले शिकायत की जांच होगी। दोष सिद्ध होने पर इससे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आरोपी का वेतन रुकेगा और दंडात्मक कार्रवाई होगी।
चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी
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शासन के निदेश पर पिछले महीने हुई अनुदानित मदरसों की जांच के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें उड़ने लगी हैं। जांच कई शिक्षकों के निर्धारित अर्हता पूरी न करने पर भी नौकरी पाने और नियमों को ताक पर रख कर नियुक्तियां करने कई मामले संज्ञान में आने से ये भी सवाल उठे हैं कि आखिर इसकी जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को कैसे नहीं थी। जिलाधिकारी की ओर गठित कमेटी ने जांच के बाद 18 शिक्षकों के खिलाफ गंभीर टिप्पणी कई गई थी। रिपोर्ट पहुंचने के बाद 26 जुलाई को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से सिर्फ आठ शिक्षकों का वेतन रोकने की संस्तुति की गई। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताई तो 28 जुलाई को एक अन्य आदेश जारी कर आठ और शिक्षकों का वेतन रोका दिया गया। बताया कि पूर्व में जारी आदेश में इनके नाम छूट गए थे।
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अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से एक शिकायत के आधार इन16 शिक्षकों से इतर कई अन्य शिक्षकों का वेतन भी रोकने की कोशिश की, लेकिन मामला जिलाधिकारी तक पहुंच गया। पाया गया कि शिकायत के आधार पर वेतन रोकने का खेल अल्पसंख्यक विभाग में काफी पुराना है।
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सिर्फ फर्जी शिकायतों पर ही शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाता है बाद में उसे ले देकर जारी कर दिया जाता है। इसके बाद गुरुवार को जिलाधिकारी ने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को एक आदेश जारी शिकायत पर किसी का वेतन रोकने पर रोक लगा दी। आदेश के अनुसार अब अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शिकायत के आधार पर जांच करेंगे। साक्ष्य सहित जांच आख्या में दोष सिद्ध होने पर इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। इसके बाद दोषी का वेतन रोका जाएगा और उस पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। आदेश से निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सीडीओ और भी मदरसों के प्रबंध को भी अवगत करा दिया गया है। आदेश के जारी होने से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में हड़कंप मचा है।
अपर सांख्यिकीय अधिकारी रखेंगे नजर
आजमगढ़। अपने आदेश के दौरान डीएम ने जिले के अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह को निर्देशित किया है कि वो मदरसा शिक्षकों के वेतन रोकने के प्रकरणों की जांच करेंगे। साथ ही जांच आख्या से समय-समय पर जिलाधिकारी को अवगत कराते रहेंगे।
सिर्फ शिकायत के आधार पर मदरसा शिक्षकों का वेतन रोकने का मामला संज्ञान में आया था। पता नहीं फ्रि वेतन जारी कैसे कर दिया जाता था। अब शिकायत के आधार पर मदरसा शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन रोकने पर रोक लगा दी गई है। पहले शिकायत की जांच होगी। दोष सिद्ध होने पर इससे उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद आरोपी का वेतन रुकेगा और दंडात्मक कार्रवाई होगी।
चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी