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Azamgarh News: मशीन बताएगी टीबी है या नहीं, कौन सी दवा चलेगी, यह भी पता चलेगा
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टीबी की जांच कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब टीबी की बीमारी की जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जिले के टीबी क्लीनिकों को एआई आधारित हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। यह मशीन तत्काल जांच कर यह संकेत दे देती है कि मरीज में टीबी की संभावना है या नहीं। इससे बीमारी की शुरुआती पहचान करने में मदद मिलेगी और मरीजों को समय से उपचार किया जा सकेगा।
हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन सामान्य एक्सरे मशीन से अलग है। इसमें एक्सरे फिल्म निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है। मशीन से जांच के बाद एआई तकनीक के माध्यम से रिपोर्ट तैयार होती है। यदि मशीन में मरीज के टीबी से संक्रमित होने की संभावना दिखाई देती है तो इसके बाद मरीज की अन्य आवश्यक जांच कराई जाती हैं। जांच के आधार पर टीबी की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले के टीबी क्लीनिक को ऐसी 18 एआई आधारित मशीन मिली हैं। इन मशीन के माध्यम से टीबी की जांच प्रक्रिया को पहले की अपेक्षा आसान और तेज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मशीन की मदद से संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर आगे की जांच के लिए भेजा जा सकेगा।
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बताया गया कि मशीन की तकनीक से मरीज के लिए उपयुक्त दवा के चयन में भी चिकित्सकों को मदद मिलती है। इसके अलावा शरीर में बनी गांठ में पस की स्थिति की जांच में भी मशीन उपयोगी बताई जा रही है। इससे टीबी के साथ अन्य संबंधित समस्याओं की पहचान करने में भी सहायता मिल सकती है।
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जिले के टीबी क्लीनिकों को एआई आधारित हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। यह मशीन तत्काल जांच कर यह संकेत दे देती है कि मरीज में टीबी की संभावना है या नहीं। इससे बीमारी की शुरुआती पहचान करने में मदद मिलेगी और मरीजों को समय से उपचार किया जा सकेगा।
हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन सामान्य एक्सरे मशीन से अलग है। इसमें एक्सरे फिल्म निकालने की जरूरत नहीं पड़ती है। मशीन से जांच के बाद एआई तकनीक के माध्यम से रिपोर्ट तैयार होती है। यदि मशीन में मरीज के टीबी से संक्रमित होने की संभावना दिखाई देती है तो इसके बाद मरीज की अन्य आवश्यक जांच कराई जाती हैं। जांच के आधार पर टीबी की पुष्टि होने पर उपचार शुरू किया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले के टीबी क्लीनिक को ऐसी 18 एआई आधारित मशीन मिली हैं। इन मशीन के माध्यम से टीबी की जांच प्रक्रिया को पहले की अपेक्षा आसान और तेज बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मशीन की मदद से संदिग्ध मरीजों को चिह्नित कर आगे की जांच के लिए भेजा जा सकेगा।
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बताया गया कि मशीन की तकनीक से मरीज के लिए उपयुक्त दवा के चयन में भी चिकित्सकों को मदद मिलती है। इसके अलावा शरीर में बनी गांठ में पस की स्थिति की जांच में भी मशीन उपयोगी बताई जा रही है। इससे टीबी के साथ अन्य संबंधित समस्याओं की पहचान करने में भी सहायता मिल सकती है।