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गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा विसिर्जत
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:12 AM IST
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'गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ, नारों के बीच सोमवार को नगर क्षेत्र में भगवान श्रीगणेश को विदाई दी गई। इस दौरान डीजे की धुन पर भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते चल रहे थे। जुलूस मार्ग पर दर्शन-पूजन के लिए भक्त उमड़ पड़े।
नगर के दामोदर कटारा से गाजे-बाजे के साथ श्रीणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाला गया। इस दौरान भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते ढोल और ताशा की थाप पर थिरकते जयकारे लगाते चल रहे थे। जुलूस अठवरिया मैदान से निकलकर सब्जीमंडी, लालडिग्गी, शंकर तिराहा, मुख्य चौक होते हुए पुरानी कोतवाली पहुंची।
इसके बाद वहां से विसर्जन जुलूस दलालघाट होते हुए गौरीशंकर घाट पहुंचा। जुलूस में बनाई गई राधा-कृष्ण, सुदामा-कृष्ण, शंकर, पावती और गणेश की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। विसर्जन जुलूस जिधर से गुजरा उधर दर्शनार्थियों का तांता लग गया। सभी ने गणेश जी का दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इतना ही नहीं मार्ग में लोगों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया।
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विसर्जन जुलूस के गौरीशंकर घाट पहुंचने पर विधि-विधान से अगले बरस जल्दी आ के जयकारों के साथ गजानन को विदाई दी गई। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नगर कोतवाली पुलिस जुलूस के साथ चल रही थी। इस अवसर पर संपत, संजय, सुधाकर, सुनील, गजानन, अजय आदि सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे।
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नगर के दामोदर कटारा से गाजे-बाजे के साथ श्रीणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस निकाला गया। इस दौरान भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते ढोल और ताशा की थाप पर थिरकते जयकारे लगाते चल रहे थे। जुलूस अठवरिया मैदान से निकलकर सब्जीमंडी, लालडिग्गी, शंकर तिराहा, मुख्य चौक होते हुए पुरानी कोतवाली पहुंची।
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इसके बाद वहां से विसर्जन जुलूस दलालघाट होते हुए गौरीशंकर घाट पहुंचा। जुलूस में बनाई गई राधा-कृष्ण, सुदामा-कृष्ण, शंकर, पावती और गणेश की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। विसर्जन जुलूस जिधर से गुजरा उधर दर्शनार्थियों का तांता लग गया। सभी ने गणेश जी का दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इतना ही नहीं मार्ग में लोगों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया।
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विसर्जन जुलूस के गौरीशंकर घाट पहुंचने पर विधि-विधान से अगले बरस जल्दी आ के जयकारों के साथ गजानन को विदाई दी गई। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नगर कोतवाली पुलिस जुलूस के साथ चल रही थी। इस अवसर पर संपत, संजय, सुधाकर, सुनील, गजानन, अजय आदि सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे।