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उत्पाती बंदरों के उपद्रव से जल्द मिलेगी निजात
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 12 Apr 2015 11:38 PM IST
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नगर क्षेत्र में आए दिन बंदरों के आतंक से परेशान नगर वासियों को राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद ने मथुरा से बंदरों को पकड़ने के लिए टीम बुलाई है। जिसके कारण अब जल्द ही लोग राहत महसूस करेंगे। रविवार को टीम ने कलेक्ट्रेट क्षेत्र से एक सौ से ऊपर बंदरों को पकड़ा है।
नगर क्षेत्र के 25 वार्डो में जहां बंदरों का प्रतिदिन उत्पात मचा रहता है वही कचहरी, रेलवे आदि स्थानों पर भी इनका आतंक रहता है। लोग अपनी छतों पर बंदरों के डर से सूखने के लिए कपड़ा डालना छोड़ दिए है। बंदर घरों से खाने वाली वस्तु और कपड़े उठा ले जाते है और बर्बाद कर डालते है। कलेक्ट्रेट कचहरी, दीवानी कचहरी और रेलवे के पास रहने वालों की दशा तो और भी खराब थी।
अगर कोई सावधान न रहें तो बंदर कब किसी का सामन छीन ले जाए कोई भरोसा नहीं। बंदरों के आतंक से छत से गिरकर दो बच्चों की तथा आग से जलकर युवक की मौत भी हो चुकी थी। बंदरों के आतंक से निजाति दिलाने के लिए नगर पालिका ने मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली टीम को बुलाया।
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नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के अधीशासी अधिकारी डा. एके सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र से जब तक पूरी तरह से बंदर पकडे़ नहीं जाते है तब तक यह अभियान चलता रहेगा। पकड़ने वालाें को एक बंदर का 150 रुपया दिया जाएगा। मथुरा से बंदरों को पकड़ने के लिए आई टीम ने रविवार को कलेक्ट्रेट कचहरी क्षेत्र में अपना जाल बिछाकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया। पहले ही दिन टीम के सदस्यों ने एक सौ से अधिक बंदरों को पकड़ा।
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नगर क्षेत्र के 25 वार्डो में जहां बंदरों का प्रतिदिन उत्पात मचा रहता है वही कचहरी, रेलवे आदि स्थानों पर भी इनका आतंक रहता है। लोग अपनी छतों पर बंदरों के डर से सूखने के लिए कपड़ा डालना छोड़ दिए है। बंदर घरों से खाने वाली वस्तु और कपड़े उठा ले जाते है और बर्बाद कर डालते है। कलेक्ट्रेट कचहरी, दीवानी कचहरी और रेलवे के पास रहने वालों की दशा तो और भी खराब थी।
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अगर कोई सावधान न रहें तो बंदर कब किसी का सामन छीन ले जाए कोई भरोसा नहीं। बंदरों के आतंक से छत से गिरकर दो बच्चों की तथा आग से जलकर युवक की मौत भी हो चुकी थी। बंदरों के आतंक से निजाति दिलाने के लिए नगर पालिका ने मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली टीम को बुलाया।
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नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के अधीशासी अधिकारी डा. एके सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र से जब तक पूरी तरह से बंदर पकडे़ नहीं जाते है तब तक यह अभियान चलता रहेगा। पकड़ने वालाें को एक बंदर का 150 रुपया दिया जाएगा। मथुरा से बंदरों को पकड़ने के लिए आई टीम ने रविवार को कलेक्ट्रेट कचहरी क्षेत्र में अपना जाल बिछाकर बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया। पहले ही दिन टीम के सदस्यों ने एक सौ से अधिक बंदरों को पकड़ा।