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Azamgarh News: दो लाख नलों में ही पहुंच रहा पानी
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आजमगढ़। जल जीवन मिशन योजना के तहत चयनित राजस्व गांवों के घरों में दिसंबर 2024 तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य था। दिसंबर बीतने में सात दिन शेष है। अभी तक 81 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। जिले में 6,22,247 लाख के सापेक्ष 4,99,265 नल का कनेक्शन दिया, लेकिन पानी दो लाख नलों में ही पहुंच रहा है। अभी अधिकांश जगहों पर ओवर हेड टैंक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत चयनित राजस्व गांवों के घरों तक नल से जल पहुंचाने की सरकार की मंशा है। योजना के तहत जिले में 3818 राजस्व गांवों को चयन किया गया हैं। इन राजस्व गांवों में 4292 करोड़ की लागत से 1465 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराना है। जनपद में वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन पर काम शुरू हुआ था। पहले दो ही कार्यदायी संंस्थाएं थीं, लेकिन बाद में पांच और कार्यदायी संस्थाओं को पेयजल परियोजनाओं का कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई। इसी दिसंबर माह में सभी पेयजल परियोजनाओं को पूरा कर हर घर को नल से जल पहुंचाना था। हाल यह है कि अभी तक 1429 ओवरहेड टैंक में से 392 ओवर हेड टैंक का ही काम पूरा हो पाया है। अन्य निर्माणाधीन हैं। 19325 के सापेक्ष 17896 किमी पाइप लाइन बिछाकर 622247 के सापेक्ष 499265 हाउस कनेक्शन दे दिए गए लेकिन अभी तक मात्र दो लाख नलों में ही पानी की सप्लाई शुरू हो पाई है। इसमें भी अधिकतम जगहों पर सीधे पंप से सप्लाई की जा रही है, क्योंकि बहुत से जगहों पर ओवरहेड टैंकों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, राजस्व गांवों की बात की जाए तो 3818 में से 1178 राजस्व गांवों में विभाग जलापूर्ति की बात कर रहा है। सभी पेयजल परियोजना के बांड का समय दिसंंबर था। अब दिसंबर भी बीतने वाला है लेकिन अभी तक पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा नहीं हो सका है।
2240 करोड़ हो चुके हैं खर्च
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में सभी पेयजल परियोजनाओं की लागत 4292 करोड़ हैं। इसमें से अब तक 2240 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी 1429 किमी पाइप लाइन बिछाने और 1222982 हाउस कनेक्शन देने का काम बाकी है। इसके अलावा 547 पेयजल परियोजनाओं पर सोलर पैनल नहीं लग पाया है। विभाग के अधिकारियों की माने तो अभी तक किसी भी कार्यदायी संस्था के बांड की समयसीमा नहीं बढ़ी हैं।
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दिसंबर तक पेयजल परियोजनाओं को काम पूरा किया जाना है, लेकिन 81 प्रतिशत ही काम हो पाएं हैं। अब मार्च 2025 तक पेयजल परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। अभी किसी भी बांड की समयसीमा नहीं बढ़ी है। - हेमंत सिह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।
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जल जीवन मिशन योजना के तहत चयनित राजस्व गांवों के घरों तक नल से जल पहुंचाने की सरकार की मंशा है। योजना के तहत जिले में 3818 राजस्व गांवों को चयन किया गया हैं। इन राजस्व गांवों में 4292 करोड़ की लागत से 1465 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कराना है। जनपद में वर्ष 2019-20 से जल जीवन मिशन पर काम शुरू हुआ था। पहले दो ही कार्यदायी संंस्थाएं थीं, लेकिन बाद में पांच और कार्यदायी संस्थाओं को पेयजल परियोजनाओं का कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई। इसी दिसंबर माह में सभी पेयजल परियोजनाओं को पूरा कर हर घर को नल से जल पहुंचाना था। हाल यह है कि अभी तक 1429 ओवरहेड टैंक में से 392 ओवर हेड टैंक का ही काम पूरा हो पाया है। अन्य निर्माणाधीन हैं। 19325 के सापेक्ष 17896 किमी पाइप लाइन बिछाकर 622247 के सापेक्ष 499265 हाउस कनेक्शन दे दिए गए लेकिन अभी तक मात्र दो लाख नलों में ही पानी की सप्लाई शुरू हो पाई है। इसमें भी अधिकतम जगहों पर सीधे पंप से सप्लाई की जा रही है, क्योंकि बहुत से जगहों पर ओवरहेड टैंकों का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। वहीं, राजस्व गांवों की बात की जाए तो 3818 में से 1178 राजस्व गांवों में विभाग जलापूर्ति की बात कर रहा है। सभी पेयजल परियोजना के बांड का समय दिसंंबर था। अब दिसंबर भी बीतने वाला है लेकिन अभी तक पेयजल परियोजनाओं का काम पूरा नहीं हो सका है।
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2240 करोड़ हो चुके हैं खर्च
जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में सभी पेयजल परियोजनाओं की लागत 4292 करोड़ हैं। इसमें से अब तक 2240 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी 1429 किमी पाइप लाइन बिछाने और 1222982 हाउस कनेक्शन देने का काम बाकी है। इसके अलावा 547 पेयजल परियोजनाओं पर सोलर पैनल नहीं लग पाया है। विभाग के अधिकारियों की माने तो अभी तक किसी भी कार्यदायी संस्था के बांड की समयसीमा नहीं बढ़ी हैं।
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दिसंबर तक पेयजल परियोजनाओं को काम पूरा किया जाना है, लेकिन 81 प्रतिशत ही काम हो पाएं हैं। अब मार्च 2025 तक पेयजल परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। अभी किसी भी बांड की समयसीमा नहीं बढ़ी है। - हेमंत सिह, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण।

महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद