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प्राइवेट कोविड अस्पतालों में वेंटिलेटर की किल्लत

Sat, 08 May 2021 11:13 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 11:13 PM IST
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Ventilator shortage in private Kovid hospitals
आजमगढ़। कोविड मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो सरकारी व तीन प्राइवेट अस्पतालों में व्यवस्था कर रखी है। प्राइवेट अस्पतालो में वेंटिलेटर की कमी से मरीज परेशान है और मरने वाले मरीजों की संख्या भी इन अस्पतालों पर ज्यादा है। यह अलग बात है कि स्वास्थ्य महकमा प्राइवेट अस्पतालों में मरने वालों का आकड़ा ही उपलब्ध नहीं करा रही है। प्राइवेट कोविड अस्पतालों में 206 बेड की व्यवस्था है, जिसके सापेक्ष मात्र सात वेंटिलेटर ही उपलब्ध है।
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कोरोना संक्रमण भयावह स्थिति में पहुंच चुका है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग कोविड मरीजों को पर्याप्त इलाज की सुविधा नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। जिले में कोविड मरीजों के इलाज के लिए पांच अस्पताल चिन्हित है। इसमें दो सरकारी व तीन प्राइवेट अस्पताल शामिल है। सरकारी अस्पतालों में चार सौ बेड की व्यवस्था है तो वहीं प्राइवेट में 206 बेड उपलब्ध है। जिसमें लाइफ लाइन में 100, रामा हॉस्पिटल में 70 व वेंदाता में 36 बेड की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने किया है। लाइफ लाइन में 100 बेड के सापेक्ष पांच तो वेदांता में 36 बेड के सापेक्ष दो वेंटिलेटर उपलब्ध है। रामा हास्पिटल में वेंटिलेटर की व्यवस्था ही अब तक स्वास्थ्य महकमा नहीं कर सका है। वहीं सरकारी अस्पतालों में शामिल राजकीय मेडिकल कालेज में 300 बेड है और इसके सापेक्ष 111 वेंटिलेटर की यहां व्यवस्था है। दूसरे सरकारी कोविड अस्पताल 100 शैय्या अतरौलिया पर 100 बेड की व्यवस्था है और इसके सापेक्ष यहां चार वेंटिलेटर उपलब्ध है। आक्सीजन की किल्लत तो वर्तमान में किसी भी कोविड अस्पताल में नहीं है लेकिन वेंटिलेटर की कमी के चलते मौत के आकड़ों पर लगाम नहीं लग रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में लगातार मौत हो रही है लेकिन स्वास्थ्य महकमा इन प्राइवेट कोविड अस्पतालों में होने वाले मौत के आकड़े सार्वजनिक नहीं कर रही है।
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बेड की अपेक्षा वेंटिलेटर की कमी जरूर है, लेकिन वेंटिलेटर की कमी के चलते मरीजों की मौत नहीं हो रही है। वैसे पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जिले को कुछ और वेंटिलेटर उपलब्ध हो जाए। कोविड मरीजों के इलाज में कोई कमी न होने पाए इसके प्रयास में महकमा जुटा हुआ है।
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डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।
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