UP Election 2022: भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने अतरौलिया से प्रशांत सिंह को बनाया प्रत्याशी, सपा का मजबूत गढ़ है ये सीट
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने प्रदेश के चार प्रत्याशियों के नामों की घोषणा रविवार देर रात की। आजमगढ़ जिले की अतरौलिया सीट से निषाद पार्टी ने इंजीनियर प्रशांत कुमार सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है।
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भाजपा और निषाद पार्टी के गठबंधन में आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा सीट निषाद पार्टी के खाते में गई है। इस सीट पर निषाद पार्टी ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी। निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने इंजीनियर प्रशांत कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया है। प्रशांत सिंह का सीधा मुकाबला सपा नेता डा. संग्राम यादव से माना जा रहा है।
आजमगढ़ की अतरौलिया विधानसभा की गिनती वीआईपी सीटों में होती है। कभी इस सीट से सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री बलराम यादव चुनाव लड़ते थे। वर्तमान में इस सीट से उनके पुत्र डा. संग्राम यादव विधायक हैं। इस बार भी सपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर काफी दिनों से बलराम यादव का बर्चस्व देखने को मिलता है।
वर्ष 2012 में उन्होंने इस सीट को अपने पुत्र डा. संग्राम सिंह यादव के लिए छोड़ दिया। संग्राम यादव यहां से पहली बार चुनाव लड़े और विजयी हुए। वर्ष 2017 के चुनाव में संग्राम यादव ने भाजपा के कन्हैया निषाद और बसपा प्रत्याशी अंखड प्रताप सिंह को करार शिकस्त दी। इस चुनाव में संग्राम यादव 74276 मत पाकर विजयी हुए। जबकि भाजपा के कन्हैया निषाद 71809 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
कइयों के अरमानों पर फिरा पानी
इस बार भाजपा ने इस सीट को अपनी सहयोगी एमएलसी संजय निषाद की पार्टी निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल निषाद पार्टी की झोली में दे दिया है। जिससे इस सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव सपना संजोए तैयारी में जुटे कई नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है।
कोई निर्दल ताल ठोंकने को, तो कोई नया ठौर तलाशने में जुटा
आजमगढ़ की 10 विधान सभा सीटों में से कुछ पर सपा, भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। प्रत्याशियों की घोषणा होते ही जिले में विरोध का सिलसिला शुरू हो गया है। टिकट न मिलने से नाराज कई दिग्गज निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की तैयारी में हैं, तो कई नाराज लोग दूसरे ठौर की तलाश में जुट गए हैं।
जिले की 10 विधानसभा सीटों में से सपा ने सात पर प्रत्याशियों की घोषणा की है। जिसमें पार्टी ने गोपालपुर से वर्तमान विधायक नफीस अहमद, अतरौलिया से विधायक डा. संग्राम यादव, निजामाबाद से विधायक आलमदी आजमी के साथ फूलपुर से पूर्व सांसद रमाकांत यादव, लालगंज से पूर्व विधायक बेचई सरोज और आजमगढ़ से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव को प्रत्याशी घोषित किया है।
वहीं भाजपा ने छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। इसमें निजामाबाद से मनोज यादव, गोपालपुर से सत्येंद्र राय, आजमगढ़ से अखिलेश मिश्रा गुड्डू, मेंहनगर से मंजू सरोज, दीदारगंज से डा. कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा और लालगंज से नीलम सोनकर को प्रत्याशी घोषित किया।
वहीं कांग्रेस पार्टी ने आजमगढ़ से जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह, निजामाबाद से अनिल यादव, सगड़ी राना खातून और मेंहनगर से निर्मला भारती को उम्मीदवारी दी है। प्रत्याशियों की घोषणा होते ही लगभग सभी पार्टियों में बगावत शुरू हो गई है। इस दौरान कई दावेदारों ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का मन बनाया है।
उनके समर्थक सोशल मीडिया पर इस बात का जोर शोर से प्रचार प्रसार भी करने लगें है। सोशल मीडिया पर निजामाबाद से टिकट के दावेदारों में शामिल रहे सपा के इसरार अहमद निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का ऐलान किए है। वहीं गोपालपुर से शमा वसीम भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही।
वहीं अगर भाजपा की बात करें तो सोशल मीडिया पर गोपालपुर विधानसभा सीट से दावेदारी करने वाले राधेश्याम सिंह गुड्डू के भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने की खबरें उड़ रही। लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कुछ भी नहीं कहा गया है।
दूसरी तरफ कई दावेदार ऐसे हैं जो दूसरी पार्टियों में अपना ठौर तलाशने में जुट गए हैं। सबसे ज्यादा बगावत सपा की फूलपुर सीट पर देखने को मिल रहा। यहां फूलपुर विधानसभा के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप चुके है। अभी पार्टियों में और भगदड़ देखने को मिल सकती है।