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Azamgarh News: डी ग्रेड पर जताई नाराजगी, डीएम ने सुधार के दिए निर्देश
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सीएम डैशबोर्ड पर खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मंगलवार को सख्ती दिखाई। कलेक्ट्रेट सभागार में जुलाई-2026 के राजस्व एवं विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के डी ग्रेड में आने पर जिला समाज कल्याण अधिकारी को फटकार लगाई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने बी और सी ग्रेड वाले विभागों की भी प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट अलंकार, पोषण अभियान, फैमिली आईडी, जननी सुरक्षा योजना और नई सड़कों के निर्माण में सुधार पर जोर दिया।
व्यक्तिगत शौचालय की जियो टैगिंग की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को सख्ती से काम करने को कहा। अनारंभ परियोजनाओं की समीक्षा में डायट प्राचार्य को शासन स्तर पर पत्राचार कर डायट, आजमगढ़ को सेंटर फॉर एक्सीलेंसी के रूप में विकसित करने के लिए भूमि उपलब्धता और चिह्नांकन की प्रक्रिया तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए।
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50 लाख रुपये से अधिक लागत की लंबित परियोजनाओं में 20वीं वाहिनी पीएसी के कांफ्रेंस हाल, एमटी कार्यालय, कैंटीन और मनोरंजन हाल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरिहानी के निर्माण में तेजी लाने को कहा।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों, राजकीय मेडिकल कॉलेज के 50 शैय्या वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक और हरबंशपुर वार्ड की पेयजल योजना समेत विलंबित परियोजनाओं को भी समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
स्थलीय निरीक्षण और नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा में डीएम ने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
पात्रों का चिह्नांकन कर उन्हें समयबद्ध लाभ दिलाने और विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल आंकड़ों और कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
बैठक में सीडीओ राकेश कुमार पटेल, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने बी और सी ग्रेड वाले विभागों की भी प्रगति सुधारने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट अलंकार, पोषण अभियान, फैमिली आईडी, जननी सुरक्षा योजना और नई सड़कों के निर्माण में सुधार पर जोर दिया।
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व्यक्तिगत शौचालय की जियो टैगिंग की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को सख्ती से काम करने को कहा। अनारंभ परियोजनाओं की समीक्षा में डायट प्राचार्य को शासन स्तर पर पत्राचार कर डायट, आजमगढ़ को सेंटर फॉर एक्सीलेंसी के रूप में विकसित करने के लिए भूमि उपलब्धता और चिह्नांकन की प्रक्रिया तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए।
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50 लाख रुपये से अधिक लागत की लंबित परियोजनाओं में 20वीं वाहिनी पीएसी के कांफ्रेंस हाल, एमटी कार्यालय, कैंटीन और मनोरंजन हाल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खरिहानी के निर्माण में तेजी लाने को कहा।
स्वास्थ्य उपकेंद्रों, राजकीय मेडिकल कॉलेज के 50 शैय्या वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक और हरबंशपुर वार्ड की पेयजल योजना समेत विलंबित परियोजनाओं को भी समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
स्थलीय निरीक्षण और नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी। जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा में डीएम ने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।
पात्रों का चिह्नांकन कर उन्हें समयबद्ध लाभ दिलाने और विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घोषणाओं से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल आंकड़ों और कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
बैठक में सीडीओ राकेश कुमार पटेल, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा, डीसी एनआरएलएम डॉ. आराधना त्रिपाठी, परियोजना निदेशक सच्चिदानंद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।