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Azamgarh News: 1.21 करोड़ से बने कृषि भवन का अप्रैल में हस्तांतरण, जुलाई में टूटने लगीं सीढ़ियां
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अहरौला क्षेत्र के कोतवालीपुर में बना कृषि रक्षा इकाई भवन। संवाद
रेड़हा के कोतवालीपुर में नवनिर्मित कृषि रक्षा इकाई भवन में खामियां सामने आई हैं। एक करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बना यह भवन अप्रैल में कृषि विभाग को हस्तांतरित किया गया था।
जुलाई से ही इसकी सीढ़ियां टूटने और प्लास्टर उखड़ने लगा है, जिससे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है। भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा कराया गया था और यह 2026 में बनकर तैयार हुआ।
हस्तांतरण के कुछ ही महीनों बाद जगह-जगह से सीढ़ियां टूटकर उखड़ने लगी हैं। लगाए गए पत्थर भी अलग हो गए हैं और कई स्थानों से प्लास्टर भी छप्पर छोड़कर उखड़ रहा है।
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एडीओ कृषि शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि एक सप्ताह पहले उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को लिखित में जानकारी दी थी। इस जानकारी में गोदाम इंचार्ज पंकज कुमार भी शामिल थे।
उन्होंने यह भी बताया कि एक महीने पहले भवन में लगे खिड़की के शीशे भी टूट गए थे। कार्यदायी संस्था ने अभी तक निर्माण स्थल पर नागरिक सूचना पट्ट (सीआईबी) भी नहीं लगाया है। यह पट्ट सरकारी निर्माण कार्यों के लिए अनिवार्य होता है।
-- -- -- वर्जन
निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था पांच साल तक भवन का रखरखाव देखती है। उन्हें इन कमियों के बारे में सूचित कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था को सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि नागरिक सूचना पट्ट नहीं लगा है, तो उसे भी लगवाया जाएगा। - सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
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हैंडओवर के 6 महीने तक हम लोगों के रिपेयर करने की समय सीमा होती है। अभी कुछ दिन पहले शीशा आदि टूटने की शिकायत थी, उसे रिपेयर कर दिया गया है और जो भी शिकायतें हैं, उन्हें भी देखकर दुरुस्त करा दिया जाएगा। -अवनीश सिंह, अवर अभियंता, यूपीपीसीएल।
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जुलाई से ही इसकी सीढ़ियां टूटने और प्लास्टर उखड़ने लगा है, जिससे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है। भवन का निर्माण कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल द्वारा कराया गया था और यह 2026 में बनकर तैयार हुआ।
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हस्तांतरण के कुछ ही महीनों बाद जगह-जगह से सीढ़ियां टूटकर उखड़ने लगी हैं। लगाए गए पत्थर भी अलग हो गए हैं और कई स्थानों से प्लास्टर भी छप्पर छोड़कर उखड़ रहा है।
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एडीओ कृषि शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि एक सप्ताह पहले उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को लिखित में जानकारी दी थी। इस जानकारी में गोदाम इंचार्ज पंकज कुमार भी शामिल थे।
उन्होंने यह भी बताया कि एक महीने पहले भवन में लगे खिड़की के शीशे भी टूट गए थे। कार्यदायी संस्था ने अभी तक निर्माण स्थल पर नागरिक सूचना पट्ट (सीआईबी) भी नहीं लगाया है। यह पट्ट सरकारी निर्माण कार्यों के लिए अनिवार्य होता है।
निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था पांच साल तक भवन का रखरखाव देखती है। उन्हें इन कमियों के बारे में सूचित कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था को सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि नागरिक सूचना पट्ट नहीं लगा है, तो उसे भी लगवाया जाएगा। - सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी
हैंडओवर के 6 महीने तक हम लोगों के रिपेयर करने की समय सीमा होती है। अभी कुछ दिन पहले शीशा आदि टूटने की शिकायत थी, उसे रिपेयर कर दिया गया है और जो भी शिकायतें हैं, उन्हें भी देखकर दुरुस्त करा दिया जाएगा। -अवनीश सिंह, अवर अभियंता, यूपीपीसीएल।