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एसटीएफ व इंटेलिजेंस की निगहबानी में होगी बोर्ड परीक्षा
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फोआजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा के तैयारियों की समीक्षा को लेकर बुधवार को राहुल प्रेेक्षागृह में सभी सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर, स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ ही केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक हुई। डीएम ने बैठक में नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा के लिए एसटीएफ व इंटेलिजेंस की टीम भी लगाई जाएगी।
डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि 2020 की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर छह मार्च तक चलेगी। हाईस्कूल में 1,06,831 व इंटरमीडिएट में 85,315 परीक्षार्थी पंजीकृत है। कुल 280 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों को वायस रिकार्डर युक्त सीसी टीवी के साथ ही राउटर व डीवीआर लगा कर ऑनलाइन कर दिया गया है। इसका कंट्रोल रूम जीजीआईसी में बनाया गया है। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि नकल विहीन व शांतिपूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए चार सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 38 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 64 स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। वहीं 15 केंद्रों को संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की श्रेणी में डाला गया है। उन्होंने सभी मजिस्ट्रेटों व केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि किसी भी हाल में नकल न होने दें। सभी मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण अवश्य करें। स्टैटिक मजिस्ट्रेट पेपर शुरू होने के पूर्व ही केंद्रों पर पहुंच जाएं। परीक्षा संपन्न होने के बाद अपनी उपस्थिति में ही कापियों को सील करा कर संकलन केंद्र भेजें। केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी सही ढंग से लगाएं। प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं का विवरण सुरक्षित रखें। नकल माफियाओं का दबाव आने पर तत्काल सूचित करें। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, एडीएम वित्त गुरु प्रसाद, सभी सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक आदि मौजूद रहे।
नकल करने वालों पर लगेगा गैंगेस्टर: एसपी
एसपी त्रिवेणी सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस तैनात रहेगी। इस बार नकल कराने वालों पर सीधे गैंगेस्टर लगाने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र के सौ मीटर की परिधि में उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा, जिसके पास आई कार्ड होगा। अनजान व्यक्ति परीक्षा केंद्र के आसपास भी फटकने नहीं पाएंगे।
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अब भी ऑनलाइन नहीं हो सके 84 केंद्र
डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बैठक में बताया कि सभी 280 केंद्रों पर वायस रिकार्डर युक्त सीसी टीवी, डीवीआर व राउटर लगा दिए हैं लेकिन सच्चाई तो ये है कि 84 केंद्र को अब भी आनलाइन नहीं किया जा सका है। अभी इन केंद्रों को कंट्रोल रूम के कंप्यूटरों से जोड़ने की कवायद चल रही है। पूरा प्रयास है कि परीक्षा शुरू होने के पहले सभी परीक्षा केंद्र ऑनलाइन हो जाएं।
करेंसी की तरह रखना होगा कापियों का हिसाब
आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया कापियों की अदला-बदली का खेल अक्सर ही करते आये हैं, लेकिन इस बार कापियों के हिसाब-किताब पर भी बोर्ड व शासन की पैनी नजर रहेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कापियां पहुंच चुकी है और प्रश्नपत्र भेजे जाने का कार्य अंतिम दौर में है। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि कापियों का हिसाब करेंसी की तरह रखें। एक मोटा रजिस्टर बना लें, जिस पर प्रतिदिन प्रयोग होने वाली कापियों व शेष बची कापियों का विवरण अंकित करें। यदि कोई कॉपी गड़बड़ मिलती है तो उसका हिसाब भी रिकार्ड में मौजूद रहना चाहिए। परीक्षा के दौरान या बाद में कभी भी रिकार्ड मांगा जा सकता है।
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डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि 2020 की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर छह मार्च तक चलेगी। हाईस्कूल में 1,06,831 व इंटरमीडिएट में 85,315 परीक्षार्थी पंजीकृत है। कुल 280 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों को वायस रिकार्डर युक्त सीसी टीवी के साथ ही राउटर व डीवीआर लगा कर ऑनलाइन कर दिया गया है। इसका कंट्रोल रूम जीजीआईसी में बनाया गया है। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि नकल विहीन व शांतिपूर्ण बोर्ड परीक्षा कराने के लिए चार सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, 38 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 64 स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। वहीं 15 केंद्रों को संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की श्रेणी में डाला गया है। उन्होंने सभी मजिस्ट्रेटों व केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि किसी भी हाल में नकल न होने दें। सभी मजिस्ट्रेट परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण अवश्य करें। स्टैटिक मजिस्ट्रेट पेपर शुरू होने के पूर्व ही केंद्रों पर पहुंच जाएं। परीक्षा संपन्न होने के बाद अपनी उपस्थिति में ही कापियों को सील करा कर संकलन केंद्र भेजें। केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी सही ढंग से लगाएं। प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं का विवरण सुरक्षित रखें। नकल माफियाओं का दबाव आने पर तत्काल सूचित करें। सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला, एडीएम वित्त गुरु प्रसाद, सभी सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर व स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक आदि मौजूद रहे।
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नकल करने वालों पर लगेगा गैंगेस्टर: एसपी
एसपी त्रिवेणी सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के दौरान केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस तैनात रहेगी। इस बार नकल कराने वालों पर सीधे गैंगेस्टर लगाने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं परीक्षा केंद्र के सौ मीटर की परिधि में उन्हीं लोगों को प्रवेश मिलेगा, जिसके पास आई कार्ड होगा। अनजान व्यक्ति परीक्षा केंद्र के आसपास भी फटकने नहीं पाएंगे।
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अब भी ऑनलाइन नहीं हो सके 84 केंद्र
डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बैठक में बताया कि सभी 280 केंद्रों पर वायस रिकार्डर युक्त सीसी टीवी, डीवीआर व राउटर लगा दिए हैं लेकिन सच्चाई तो ये है कि 84 केंद्र को अब भी आनलाइन नहीं किया जा सका है। अभी इन केंद्रों को कंट्रोल रूम के कंप्यूटरों से जोड़ने की कवायद चल रही है। पूरा प्रयास है कि परीक्षा शुरू होने के पहले सभी परीक्षा केंद्र ऑनलाइन हो जाएं।
करेंसी की तरह रखना होगा कापियों का हिसाब
आजमगढ़। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया कापियों की अदला-बदली का खेल अक्सर ही करते आये हैं, लेकिन इस बार कापियों के हिसाब-किताब पर भी बोर्ड व शासन की पैनी नजर रहेगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कापियां पहुंच चुकी है और प्रश्नपत्र भेजे जाने का कार्य अंतिम दौर में है। डीआईओएस ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया है कि कापियों का हिसाब करेंसी की तरह रखें। एक मोटा रजिस्टर बना लें, जिस पर प्रतिदिन प्रयोग होने वाली कापियों व शेष बची कापियों का विवरण अंकित करें। यदि कोई कॉपी गड़बड़ मिलती है तो उसका हिसाब भी रिकार्ड में मौजूद रहना चाहिए। परीक्षा के दौरान या बाद में कभी भी रिकार्ड मांगा जा सकता है।