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आश्रय स्थल पर दो मवेशियों की मौत, कुत्ते-सियार नोंच रहे शव
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लाटघाट। अस्थाई पशु आश्रय स्थल पारनकुंडा में भूख से तड़प कर दो गोवंश की मौत हो गई है, वहीं आधा दर्जन अन्य गोवंश भूख से तड़प रहे है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मृत हुए गोवंश को दफन तक नहीं कराया गया है और उनके शवों को कुत्ते व सियार नोंच रहे है। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए है। दोनों मरे हुए मवेशियों के कान से टैग निकाल कर जिम्मेदारियों की इतिश्री कर लिया गया है।
आवारा व छुट्टा मवेशियों के देखरेख का जिम्मा सरकार ने उठाया हुआ है। इसके लिए जगह-जगह स्थाई अथवा अस्थाई पशु आश्रय स्थलों की स्थापना की गई है। लेकिन देखरेख के अभाव में यहां रखे गए मवेशियों का बुरा हाल है। अजमतगढ़ ब्लाक के अस्थाई पशु आश्रय स्थल पारनकुंडा का तो सर्वाधिक बुरा हाल है। यहां रखे गए दो मवेशियों की मौत हो चुकी है और उनके शव कुत्ते व सियार नोंच कर खा रहे है। चारे का अभाव है जिसके चलते दोनों मवेशियों की तड़प-तड़प कर मौत हुई है। बीते एक सप्ताह की बात की जाए तो यहां दर्जन भर मवेशियों की मौत होने की बात सामने आ रही है। वहीं वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक मवेशी भूख से तड़प रहे है और वहां तैनात सफाई कर्मचारी उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बरसात के चलते यह अस्थाई आश्रय स्थल पूरी तरह से कीचड़ से सना हुआ है और इसी कीचड़ में मवेशी खड़े रहने को मजबूर है। यहां तैनात सफाई कर्मियों राम प्रसाद, सुरेंद्र, अशोक व हरिनाथ आदि का कहना है कि तीन चार दिनों से चारे का अभाव है और अब तक चारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसके चलते वे मवेशियों को इधर-उधर टहला कर घास-फूस खिला कर ही रखने को मजबूर है। मवेशियों के मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और चारे के अभाव के बाबत भी बता दिया गया है। इसके बाद भी कोई कवायद अब तक नहीं हुई है।
बीते चार-छह दिनों में ही इस आश्रय स्थल पर रखे गए दर्जन भर मवेशियों की मौत हो चुकी है। न तो यहां मवेशियों के खाने के लिए चारे की व्यवस्था है, न टीनशेड आदि का ही इंतजाम किया गया है। गोवंश यहां तड़प-तड़प कर मर रहे है।
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ओम प्रकाश सिंह, बीडीसी।
पशु आश्रय स्थल पर चारा नहीं है, इसकी सूचना हमें नहीं दी गई थी। आज जानकारी मिली है और तत्काल यहां चारा की व्यवस्था करायी जा रही है।
इरशान अहमद, बीडीओ, अजमतगढ़।
आश्रय स्थल पर गोवंश की मौत चारे के अभाव में हुआ है तो निश्चित तौर पर यह लापरवाही है। तत्काल यहां चारे की व्यवस्था को दुरुस्त कराने का प्रयास होगा और जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
गौरव कुमार, एसडीएम सगड़ी।
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आवारा व छुट्टा मवेशियों के देखरेख का जिम्मा सरकार ने उठाया हुआ है। इसके लिए जगह-जगह स्थाई अथवा अस्थाई पशु आश्रय स्थलों की स्थापना की गई है। लेकिन देखरेख के अभाव में यहां रखे गए मवेशियों का बुरा हाल है। अजमतगढ़ ब्लाक के अस्थाई पशु आश्रय स्थल पारनकुंडा का तो सर्वाधिक बुरा हाल है। यहां रखे गए दो मवेशियों की मौत हो चुकी है और उनके शव कुत्ते व सियार नोंच कर खा रहे है। चारे का अभाव है जिसके चलते दोनों मवेशियों की तड़प-तड़प कर मौत हुई है। बीते एक सप्ताह की बात की जाए तो यहां दर्जन भर मवेशियों की मौत होने की बात सामने आ रही है। वहीं वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक मवेशी भूख से तड़प रहे है और वहां तैनात सफाई कर्मचारी उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बरसात के चलते यह अस्थाई आश्रय स्थल पूरी तरह से कीचड़ से सना हुआ है और इसी कीचड़ में मवेशी खड़े रहने को मजबूर है। यहां तैनात सफाई कर्मियों राम प्रसाद, सुरेंद्र, अशोक व हरिनाथ आदि का कहना है कि तीन चार दिनों से चारे का अभाव है और अब तक चारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसके चलते वे मवेशियों को इधर-उधर टहला कर घास-फूस खिला कर ही रखने को मजबूर है। मवेशियों के मौत की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और चारे के अभाव के बाबत भी बता दिया गया है। इसके बाद भी कोई कवायद अब तक नहीं हुई है।
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बीते चार-छह दिनों में ही इस आश्रय स्थल पर रखे गए दर्जन भर मवेशियों की मौत हो चुकी है। न तो यहां मवेशियों के खाने के लिए चारे की व्यवस्था है, न टीनशेड आदि का ही इंतजाम किया गया है। गोवंश यहां तड़प-तड़प कर मर रहे है।
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ओम प्रकाश सिंह, बीडीसी।
पशु आश्रय स्थल पर चारा नहीं है, इसकी सूचना हमें नहीं दी गई थी। आज जानकारी मिली है और तत्काल यहां चारा की व्यवस्था करायी जा रही है।
इरशान अहमद, बीडीओ, अजमतगढ़।
आश्रय स्थल पर गोवंश की मौत चारे के अभाव में हुआ है तो निश्चित तौर पर यह लापरवाही है। तत्काल यहां चारे की व्यवस्था को दुरुस्त कराने का प्रयास होगा और जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
गौरव कुमार, एसडीएम सगड़ी।