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दो सगे भाइयों को 10-10 वर्ष की कठोर कैद
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बीडी भारती की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दो लोगों को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। घटना जीयनपुर थाना क्षेत्र की है।
मुकदमा के अनुसार इस थाना क्षेत्र के मेढई खास निवासी मोनू के पिता दूधनाथ गांव के अजय पुत्र शिवचंद के यहां मजदूरी करते थे। दूधनाथ की मजदूरी किए जाने का पैसा अजय के यहां बकाया था। जब वह अपना बकाया पैसा पांच जनवरी 2015 जब मांगने गया तो अजय और विजय दोनों भाइयों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए लोहे के राड से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। घायलावस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां सात जनवरी 2015 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक का लड़का मोनू ने स्थानीय थाने में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच करने के बाद दोनों आरोपियों अजय और विजय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय और विक्रम सिंह पटेल ने इस मुकदमे के वादी मोनू, सोनू, सूरजन राम, रमाकांत भारती, डा.राजनाथ, मोहम्मद अशरार खान, विवेचक अचेत नाथ सिंह, डा.शाहिद जमाल, बेचू राम, विवेचक वीरेंद्र बहादुर सिंह को अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अजय और विजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास के साथ 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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मुकदमा के अनुसार इस थाना क्षेत्र के मेढई खास निवासी मोनू के पिता दूधनाथ गांव के अजय पुत्र शिवचंद के यहां मजदूरी करते थे। दूधनाथ की मजदूरी किए जाने का पैसा अजय के यहां बकाया था। जब वह अपना बकाया पैसा पांच जनवरी 2015 जब मांगने गया तो अजय और विजय दोनों भाइयों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए लोहे के राड से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। घायलावस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां सात जनवरी 2015 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतक का लड़का मोनू ने स्थानीय थाने में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच करने के बाद दोनों आरोपियों अजय और विजय के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता जगदंबा पांडेय और विक्रम सिंह पटेल ने इस मुकदमे के वादी मोनू, सोनू, सूरजन राम, रमाकांत भारती, डा.राजनाथ, मोहम्मद अशरार खान, विवेचक अचेत नाथ सिंह, डा.शाहिद जमाल, बेचू राम, विवेचक वीरेंद्र बहादुर सिंह को अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अजय और विजय को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास के साथ 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
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