रानी की सराय। अवंतिकापुरी आंवक धाम में कराए गए विकास कार्यों में सामने आई धांधली पर क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी गोरखपुर भी कुछ बोलने से बचते नजर आए। फोन पर बातचीत में उनका कहना था कि मामला पुराना है कार्यदायी संस्था ने इसे प्रबंध समिति को हैंडओवर कर दिया है। बिना कार्य पूर्ण हुए कैसे हैंडओवर हो गया वहीं बता पाएंगे। यदि आपको इसके बारे में अधिक जानकारी चाहिए तो लिखित रूप से मांगिए जवाब दिया जाएगा।’ रानी की सराय ब्लाक क्षेत्र में स्थित अवंतिकापुरी धाम में भारत सरकार के अध्यात्मिक परिपथ-1 योजना के तहत वर्ष 2017-18 के अंतर्गत टॉयलेट ब्लॉक, पाथ-वे, घाट, रेन सेल्टर, बाथिंग एंड चैंजिंग रूम, पौधरोपण व लैंडस्केपिंग, अप्रोच रोड, सोलर लाइट, बैंचेज व डस्टबिन आदि कार्य कराए जाने थे। कार्यदायी संस्था ने बिना निर्माण पूर्ण कराए ही 233.95 लाख का भुगतान कर लिया। इतना ही नहीं कार्यदायी संस्था ने 31 दिसंबर 2020 को पूर्ण कराते हुए पांच नवंबर वर्ष 2021 को अध्यक्ष प्रबंध समिति राजा जन्मेजय पावन यज्ञ शक्ति अवंतिकापुरी आवंक को हैंडओवर कर दिया है। जबकि प्रबंध समिति के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश यादव ने बताया कि उन्होंने अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण न होने के कारण हैंडओवर नहीं लिया है। इसमें फर्जीवाड़ा किया गया है। इसकी शिकायत अधिकारियों से की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बनने के बाद से अभी तक शौचालय में कार्यदायी संस्था द्वारा ताला बंद किया गया है। इसका प्रयोग नहीं किया गया है। यही हाल आरओ का है। लाखों रुपये खर्च कर अभी तक इसे भी चालू नहीं किया गया है। ठेकेदार राघवेंद्र सिंह का कहना है कि वर्ष 2017-18 में हमारे द्वारा विकास कार्य कराए हैं। कोरोना के कारण व बजट की समस्या के चलते अभी कार्य पूरे नहीं हुए हैं। यह हमारी गलती है कि बिना कार्य पूरे कराए हैंडओवर कर दिया गया है। 15 दिन के अंदर सभी कार्य पूरे करा दिए जाएंगे। -

रानी के सराय के अवंतिकपुरी में अधूरा रैनबसेरा। संवाद- फोटो : AZAMGARH