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तीन लुटेरे गिरफ्तार, एक फरार
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 25 Apr 2015 11:44 PM IST
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शहर के सिविल लाइन मुहल्ले में आठ अप्रैल की दोपहर दिन दहाड़े दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता इंद्रबहादुर यादव से 4.80 लाख रुपये लूटने वाले तीन बदमाशों को शुक्रवार की रात शहर कोतवाली पुलिस ने रोडवेज बंधे के पास से गिरफ्तार किया है। शहर कोतवाली में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े इन बदमाशों के पास से लूटे गए40 हजार रुपये, चोरी की दो बाइक और डेढ़ किलो नशीला पाउडर बरामद हुआ है। मूलरूप से बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले ये तीनों लुटेरे मऊ जिले में किराए का कमरा लेकर एक वर्ष से रह रहे थे।
गिरफ्तार किए गए लुटेरों में दिनेश यादव पुत्र राजू, अजय यादव पुत्र राधे और भूरे यादव पुत्र सूर हैं। फरार हुआ इनका साथी सुमित यादव पुत्र श्याम यादव है। ये चारो बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब पौने ग्यारह बजे शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। इसके बाद वे उपनिरीक्षक रत्नेश सिंह और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम प्रभारी राजेश सिंह के साथ रोडवेज बंधे पर पहुंचे। जहां दो बाइक पर सवार चार लोग खड़े होकर बात कर रहे थे। पुलिस को देखने के बाद यह लोग भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर तीन को दबोच कर लिया। जबकि एक भागने में सफल रहा। धराए बदमाशों के पास से 40 हजार रुपये, छह मोबाइल और दो बाइकें और डेढ़ किलो नशीला पाउडर बरामद हुआ।
एसपी ने बताया कि जिस दिन अधिवक्ता के साथ लूट हुई थी। उस दिन यूबीआई के सिविल लाइंस मुहल्ले की शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी इन बदमाशों की तस्वीर हैं। अधिवक्ता से हुई लूट की घटना में चार बदमाश शामिल थे। इनमें से दो ने बैंक में रैकी किया, जबकि दो बाइक लेकर बाहर इंतजार कर रहे थे। जैसे वे रुपये लेकर बाहर निकले सड़क पर मौजूद दोनों सतर्क हो गए और रुपये लेकर मऊ की तरफ भाग निकले। एसपी ने बताया कि इन्होंने दो दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम देने की स्वीकार की है। इसमें मऊ में तीन, गाजीपुर में चार, बलिया में पांच, आजमगढ़ में तीन और बिहार में दो दर्जन से अधिक घटनाएं शामिल हैं। गिरोह केे करीब सौ से अधिक सदस्य यूपी, बिहार, एमपी आदि प्रदेशों में घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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गिरोह के सदस्य अपने साथ नशीला और खुजली का पाउडर भी लेकर चलते हैं। बैंक के खाता धारकों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह से जुड़े करीब सौ सदस्यों का नाम सामने आया है। इसमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं।
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गिरफ्तार किए गए लुटेरों में दिनेश यादव पुत्र राजू, अजय यादव पुत्र राधे और भूरे यादव पुत्र सूर हैं। फरार हुआ इनका साथी सुमित यादव पुत्र श्याम यादव है। ये चारो बिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज गांव के निवासी हैं। एसपी ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब पौने ग्यारह बजे शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली। इसके बाद वे उपनिरीक्षक रत्नेश सिंह और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम प्रभारी राजेश सिंह के साथ रोडवेज बंधे पर पहुंचे। जहां दो बाइक पर सवार चार लोग खड़े होकर बात कर रहे थे। पुलिस को देखने के बाद यह लोग भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर तीन को दबोच कर लिया। जबकि एक भागने में सफल रहा। धराए बदमाशों के पास से 40 हजार रुपये, छह मोबाइल और दो बाइकें और डेढ़ किलो नशीला पाउडर बरामद हुआ।
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एसपी ने बताया कि जिस दिन अधिवक्ता के साथ लूट हुई थी। उस दिन यूबीआई के सिविल लाइंस मुहल्ले की शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी इन बदमाशों की तस्वीर हैं। अधिवक्ता से हुई लूट की घटना में चार बदमाश शामिल थे। इनमें से दो ने बैंक में रैकी किया, जबकि दो बाइक लेकर बाहर इंतजार कर रहे थे। जैसे वे रुपये लेकर बाहर निकले सड़क पर मौजूद दोनों सतर्क हो गए और रुपये लेकर मऊ की तरफ भाग निकले। एसपी ने बताया कि इन्होंने दो दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम देने की स्वीकार की है। इसमें मऊ में तीन, गाजीपुर में चार, बलिया में पांच, आजमगढ़ में तीन और बिहार में दो दर्जन से अधिक घटनाएं शामिल हैं। गिरोह केे करीब सौ से अधिक सदस्य यूपी, बिहार, एमपी आदि प्रदेशों में घटनाओं को अंजाम देते हैं।
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गिरोह के सदस्य अपने साथ नशीला और खुजली का पाउडर भी लेकर चलते हैं। बैंक के खाता धारकों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह से जुड़े करीब सौ सदस्यों का नाम सामने आया है। इसमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं।