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Azamgarh News: चली थी अकेली बन गया कारवां, औरों के लिए बनी मिसाल - शराब के ठेके के विरोध में आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग को किया था जाम

Thu, 19 Oct 2023 10:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Oct 2023 10:37 PM IST
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There was chaos among the family members as soon as the dead body of the youth arrived from the Gulf country.
लाटघाट। ‘मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।’ मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी का यह शेर रौनापार थाने के सोहराभार गांव के नीलम यादव पर सटीक बैठता है। वो सफर जिसकी शुरुआत वर्ष 2012-13 में शुरु हुई थी। नीलम ने महुला सुरौली गांव के सामने खुल रहे शराब की दुकान को लेकर धरने पर बैठ गईं थीं। हार मानकर प्रशासन को शराब की दुकान को बंद कराना पड़ा था।
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रौनापार थाना क्षेत्र के सोहराभार गांव की नीलम यादव ने समाज में कुरीति और शराब के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरु किया। नीलम यादव ने 2012-13 में एक संस्था नारी संगठन बनाया। नारी संगठन में करीब अजमतगढ़ ब्लॉक की एक हजार महिलाएं शामिल हुईं। दर्जनों गांव की महिलाएं अपनी-अपनी समस्या को लेकर नीलम यादव के साथ खड़ी हो गईं। नीलम ने सुरौली महुला में कच्ची शराब को लेकर आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग को महुला के पास जाम कर दिया। इतना ही नहीं गांव में खड़ंजा न लगाने के विवाद को लेकर पुलिस से भिड़ गईं। वहीं सोहराभार में ग्रामसमाज की जमीन को लेकर महिलाओं के साथ पूरा गांव भीड़ गया। अजमतगढ़ ब्लॉक के महुला गांव के प्रधान से मनरेगा में जब महिलाओं ने काम मांगा और ग्राम प्रधान द्वारा अभद्रता की गई तो ग्रामप्रधान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मेघपुर में लालचंद यादव द्वारा शराब बेचा जा रहा था जिसका विरोध सड़क से लेकर थाने तक किया और उसे बंद करवाया। कांखभार में अवैध शराब का निर्माण बंद करवाया। गरीब लड़कियों के शादी में चंदा मांग कर सहयोग किया। इस तरह से तमाम ऐसे काम है जो नीलम यादव ने बढ़-चढ़कर के भाग लिया और महिलाओं का साथ दिया।
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मां कात्यायनी के मंदिर में मुरादें होती हैं पूरी

महराजगंज। महराजगंज विकास खंड के मंदरेपुर गांव स्थित मां कात्यायनी देवी को लेकर ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से मां कात्यायनी के दरबार में मांगी गई हर मुराद जरूर पूरी हो जाती है। जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर मंदरेपुर गांव स्थित मां भगवती के छठें रूप मां कात्यायनी देवी का मंदिर है। इनकी आराधना के लिए नवरात्र के अलावा पूरे वर्ष मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। शादी-विवाह आदि शुभ अवसर के बाद क्षेत्र के लोग यहां आकर मां को कड़ाही चढ़ाते हैं। नवरात्र भर मंदिर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान घंटा-घड़ियाल की आवाज से पूरा क्षेत्र गूंजता रहता है।
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मां कात्यायनी की पूजा से सभी कष्टों से मिलती है मुक्ति
आजमगढ़। नवरात्र चल रहा है। नवरात्र के छठे दिन यानी 20 अक्टूबर शुक्रवार को मां कात्यायनी की पूजा होगी। देवी दुर्गा का छठा रूप मानी जाने वाले माता कात्यायनी की पूजा करने पर शत्रु भय दूर होत है और व्यक्ति को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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