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नाग पंचमी पर घर-घर हुई नाग देवता की पूजा
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सगड़ी के नत्थुपुर नाग पंचमी के अवसर पर झूले का आनंद उठाती बच्चियां।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। नाग पंचमी का पर्व शनिवार को जनपद में श्रद्घा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं ने घर की साफ सफाई कर नाग देवता की पूजा अर्चना की। इसके बाद घरों में लावा और दूध का छिड़काव किया। वहीं नाग पंचमी पर आयोजित होने खेलों पर कोरोना का काला साया पड़ा रहा। कई जगहों पर नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित होने वाली कुश्ती दंगल प्रतियोगिताओं को स्थगित कर दिया गया। कुछ गांवों में लोगों ने कबड्डी आदि खेलकर इस पर्व को मनाया।
अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार नाग देवता की पूजा का पर्व नागपंचमी शनिवार को माहुल नगर, अंबारी, बिलारमऊ, पल्थी, दीदारगंज, पुष्पनगर, भेड़िया, गोधना, मैगना आदि बाजारों एवं गांवों में पारंपरिक ढंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर माहुल नगर काली चौरा मन्दिर एवं मकसुदिया अंबारी प्राचीन झारखंड महादेव पर भक्तों ने दूध और लावा चढ़ा कर नाग देवता की पूजा की। पूरे दिन शिवालयों और मंदिरों पर नाग देवता की पूजा के लिए भक्त पहुँचते रहे। एक तरफ़ जहां लोगों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। वहीं नगर के काली चौरा मंदिर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पुरा ख्याल रखा गया। मंदिर मे एक साथ पांच लोगों को ही प्रवेश करने दिया जा रहा था । इस मौके पर संजय मोदनवाल, आंशु जायसवाल, अलोक गुप्ता, अतुल कुमार , रमेश राजभर आदि उपस्थित थे। बिंद्राबाजार प्रतिनिधि के अनुसार रानीपुर रज्मो में प्रतिवर्ष नागपंचमी पर लगने वाले मेले का आयोजन नहीं हुआ। रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसार नाग पंचमी पर रानी पोखरे पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली कुश्ती दंगल की प्तियोगिता आयोजित नहीं हुई। कोरोना को देखते हुए इसे पहले ही स्थगित कर दिया गया था।
नाग पंचमी पर मांग मांग अगवानी मंदिर पर नहीं लगा मेला
बिंद्राबाजार। इस कोरोना काल ने लोगों के ईरादों पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के रानीपुररजमो में स्थित मां अगवानी मंदिर परिसर में लगने वाला भी इस साल नहीं लगा सका। जहां हर साल हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती थी। वहां आज चहुओर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने कोरोना की गाईलाइन का पालन करते हुए अपने घरों में ही त्योहार मनाए।
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जानकारी मुताबिक इस मंदिर में हर वर्ष नाग पंचमी के दिन बड़ा मेला लगता है। जिसमें हजारों की संख्या में लोग जनपद के अलावा गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, दिल्ली व मुंबई सहित अन्य स्थानों से आते थे। कुछ श्रद्घालु नाग पंचमी के पूर्व संध्या पर ही आ जाते थे। जिसे मंदिर समिति और ग्रामवासी के सहयोग से भोजन की व्यवस्था कराई जाती थी। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते मंदिर समिति ने मेला स्थगित कर दिया और सभी से अपील की थी कि आप सभी लोग पूजन अर्चन अपने घरों में रहकर कीजिए। कुछ लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किए।
त्योहार को लगा कोरोना ग्रहण, घरों में सिमटे लोग
सगड़ी। सावन का महीना बाबा भोलेनाथ को अर्पित रहता है। ऐसे में उनके प्रिय नागदेव का दिन नागपंचमी का त्योहार लोग खुश होकर मनाते हैं। वहीं इस बार नागपंचमी त्योहार को भी कोरोना का ग्रहण लग गया। इस त्योहार को कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोगों ने घरों में ही रहकर हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसके साथ ही नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाने की परंपरा के साथ ही इस मौके पर आयोजित होने वाला मेला और दंगल का आयोजन ढोल पीटने के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए। सभी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन स्थगित कर दिया गया है।
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अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार नाग देवता की पूजा का पर्व नागपंचमी शनिवार को माहुल नगर, अंबारी, बिलारमऊ, पल्थी, दीदारगंज, पुष्पनगर, भेड़िया, गोधना, मैगना आदि बाजारों एवं गांवों में पारंपरिक ढंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर माहुल नगर काली चौरा मन्दिर एवं मकसुदिया अंबारी प्राचीन झारखंड महादेव पर भक्तों ने दूध और लावा चढ़ा कर नाग देवता की पूजा की। पूरे दिन शिवालयों और मंदिरों पर नाग देवता की पूजा के लिए भक्त पहुँचते रहे। एक तरफ़ जहां लोगों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चना की। वहीं नगर के काली चौरा मंदिर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पुरा ख्याल रखा गया। मंदिर मे एक साथ पांच लोगों को ही प्रवेश करने दिया जा रहा था । इस मौके पर संजय मोदनवाल, आंशु जायसवाल, अलोक गुप्ता, अतुल कुमार , रमेश राजभर आदि उपस्थित थे। बिंद्राबाजार प्रतिनिधि के अनुसार रानीपुर रज्मो में प्रतिवर्ष नागपंचमी पर लगने वाले मेले का आयोजन नहीं हुआ। रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसार नाग पंचमी पर रानी पोखरे पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली कुश्ती दंगल की प्तियोगिता आयोजित नहीं हुई। कोरोना को देखते हुए इसे पहले ही स्थगित कर दिया गया था।
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नाग पंचमी पर मांग मांग अगवानी मंदिर पर नहीं लगा मेला
बिंद्राबाजार। इस कोरोना काल ने लोगों के ईरादों पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के रानीपुररजमो में स्थित मां अगवानी मंदिर परिसर में लगने वाला भी इस साल नहीं लगा सका। जहां हर साल हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती थी। वहां आज चहुओर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने कोरोना की गाईलाइन का पालन करते हुए अपने घरों में ही त्योहार मनाए।
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जानकारी मुताबिक इस मंदिर में हर वर्ष नाग पंचमी के दिन बड़ा मेला लगता है। जिसमें हजारों की संख्या में लोग जनपद के अलावा गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, दिल्ली व मुंबई सहित अन्य स्थानों से आते थे। कुछ श्रद्घालु नाग पंचमी के पूर्व संध्या पर ही आ जाते थे। जिसे मंदिर समिति और ग्रामवासी के सहयोग से भोजन की व्यवस्था कराई जाती थी। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते मंदिर समिति ने मेला स्थगित कर दिया और सभी से अपील की थी कि आप सभी लोग पूजन अर्चन अपने घरों में रहकर कीजिए। कुछ लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किए।
त्योहार को लगा कोरोना ग्रहण, घरों में सिमटे लोग
सगड़ी। सावन का महीना बाबा भोलेनाथ को अर्पित रहता है। ऐसे में उनके प्रिय नागदेव का दिन नागपंचमी का त्योहार लोग खुश होकर मनाते हैं। वहीं इस बार नागपंचमी त्योहार को भी कोरोना का ग्रहण लग गया। इस त्योहार को कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोगों ने घरों में ही रहकर हर्षोल्लास के साथ मनाया। इसके साथ ही नाग देवता को दूध और लावा चढ़ाने की परंपरा के साथ ही इस मौके पर आयोजित होने वाला मेला और दंगल का आयोजन ढोल पीटने के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए। सभी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन स्थगित कर दिया गया है।

अंबार क्षेत्र में नाग पंचमी के अवसर पर झूले को आनंद लेते बच्चें।- फोटो : AZAMGARH

सगड़ी के तरौका गांव में नाग पंचमी के अवसर पर कबड्डी खेलते युवक।- फोटो : AZAMGARH

शहर के पुरानी कोतवाली स्थित शिव मंदिर में नाग पांचमी के अवसर पर नाग देवता का दर्शन करते श्रद्धालु- फोटो : AZAMGARH