{"_id":"5aba83b44f1c1ba3238b77c5","slug":"the-six-hour-power-cuts-in-azamgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह घंटे गुल रही बिजली, मचा हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह घंटे गुल रही बिजली, मचा हाहाकार
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
Power cut
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार द्वारा विद्युत विभाग का निजीकरण करने के विरोध में विद्युत कर्मियों ने सुबह 10 बजे से पूरे जनपद की बिजली गुल कर दी जो शाम चार बजे आई। इससे सरकारी कार्यालयों में कार्य ठप रहा।
प्रदेश के पांच महानगरों और सात जनपदों के विद्युत वितरण के निजीकरण के फैसले से नाराज विद्युत कर्मियों ओर अधिकारियों ने विद्युत आपूर्ति बाधित कर हाईडिल परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
वक्ताओं ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर निजी घरानों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट से फैसला लेकर निजीकरण पर उतारू हैं। विद्युत कर्मचारी और अभियंता अधिकारी किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
सूबे में सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत देय लगभग 11 हजार करोड़ वसूल लिया जाए तो घाटा पूरा हो जाएगा। निजीकरण से बिजली महंगी होगी और उसका फायदा निजी घराने उठाएंगे। इसलिए इस फैसले को वापस लें अन्यथा पूरे सूबे में हड़ताल की जाएगी।
मुख्य अभियंता इंजीनियर पंकज कुमार ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार अपने निजीकरण के फैसले को वापस लेगी। इस मौके पर सैयद मुनौव्वर अली, धर्मू यादव, राज नारायण सिंह, ईजीनियर धर्मेंद्र सिंह, मनीष अग्रवाल, एसपी सिंह, हंसराज कौशल, बीआर यादव, एके सिंह, डीके लाल आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता इंजीनियर चंद्रेश उपाध्याय और संचालन प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने किया। वहीं घंटों बिजली नहीं रहने से जिला मुख्यालय स्थित कई कार्यालयों में कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। मार्च का आखिरी समय होने के बाद कार्यालयों में लोग परेशान दिखे।
पानी के लिए हैंडपंपों पर लगी लंबी कतार
मेजवा/मेंहनगर। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा की गई बिजली कटौती से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। हैंडपंपों पर पानी के लिए लंबी कतार लगी हुई थी।
मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 12 घंटे बाधित रही। सुबह पांच बजे गुल बिजली शाम को पांच बजे आई।
इसकी वजह से फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान रहे। दिनभर नगर पंचायत द्वारा पानी की आपूर्ति बंद रहने से घरों तक पानी नहीं पहुंचा। हैंडपप पर लंबी कतार दिखी। बिजली विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी सुबह पांच बजे बिजली आपूर्ति बंद कर जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन में पहुंच गए।
संगठन से जुडे संतोष पाल ने बताया कि सरकार के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त हो गई है शाम पांच बजे से बिजली आपूर्ति की जाएगी। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं सब-स्टेशन पर कोई कर्मचारी अधिकारी नहीं मिला जिससे विद्युत आपूर्ति के बारे में पूछा जा सके। लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड लालगंज में सुबह से बिजली गायब होने से व्यापारियों के साथ किसान भी हलाकान थे।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों के मन में काफी आक्रोश है। कर्मचारियों द्वारा बिजली आपूर्ति बंद करने की जहां से भी शिकायत मिली हमने समझा-बुझाकर बिजली आपूर्ति शुरू कराया। लेकिन कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। कुछ स्थानों पर फाल्ट की वजह से भी विद्युत आपूर्ति बाधित रही। -चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता।
विज्ञापन
प्रदेश के पांच महानगरों और सात जनपदों के विद्युत वितरण के निजीकरण के फैसले से नाराज विद्युत कर्मियों ओर अधिकारियों ने विद्युत आपूर्ति बाधित कर हाईडिल परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
वक्ताओं ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर निजी घरानों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट से फैसला लेकर निजीकरण पर उतारू हैं। विद्युत कर्मचारी और अभियंता अधिकारी किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
सूबे में सरकारी विभागों पर बकाया विद्युत देय लगभग 11 हजार करोड़ वसूल लिया जाए तो घाटा पूरा हो जाएगा। निजीकरण से बिजली महंगी होगी और उसका फायदा निजी घराने उठाएंगे। इसलिए इस फैसले को वापस लें अन्यथा पूरे सूबे में हड़ताल की जाएगी।
मुख्य अभियंता इंजीनियर पंकज कुमार ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार अपने निजीकरण के फैसले को वापस लेगी। इस मौके पर सैयद मुनौव्वर अली, धर्मू यादव, राज नारायण सिंह, ईजीनियर धर्मेंद्र सिंह, मनीष अग्रवाल, एसपी सिंह, हंसराज कौशल, बीआर यादव, एके सिंह, डीके लाल आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता इंजीनियर चंद्रेश उपाध्याय और संचालन प्रभु नारायण पांडेय प्रेमी ने किया। वहीं घंटों बिजली नहीं रहने से जिला मुख्यालय स्थित कई कार्यालयों में कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहा। मार्च का आखिरी समय होने के बाद कार्यालयों में लोग परेशान दिखे।
पानी के लिए हैंडपंपों पर लगी लंबी कतार
मेजवा/मेंहनगर। बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा की गई बिजली कटौती से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। हैंडपंपों पर पानी के लिए लंबी कतार लगी हुई थी।
मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 12 घंटे बाधित रही। सुबह पांच बजे गुल बिजली शाम को पांच बजे आई।
इसकी वजह से फूलपुर और ग्रामीण इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान रहे। दिनभर नगर पंचायत द्वारा पानी की आपूर्ति बंद रहने से घरों तक पानी नहीं पहुंचा। हैंडपप पर लंबी कतार दिखी। बिजली विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी सुबह पांच बजे बिजली आपूर्ति बंद कर जिला मुख्यालय धरना प्रदर्शन में पहुंच गए।
संगठन से जुडे संतोष पाल ने बताया कि सरकार के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त हो गई है शाम पांच बजे से बिजली आपूर्ति की जाएगी। मेंहनगर प्रतिनिधि के अनुसार पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रही। वहीं सब-स्टेशन पर कोई कर्मचारी अधिकारी नहीं मिला जिससे विद्युत आपूर्ति के बारे में पूछा जा सके। लालगंज प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड लालगंज में सुबह से बिजली गायब होने से व्यापारियों के साथ किसान भी हलाकान थे।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों के मन में काफी आक्रोश है। कर्मचारियों द्वारा बिजली आपूर्ति बंद करने की जहां से भी शिकायत मिली हमने समझा-बुझाकर बिजली आपूर्ति शुरू कराया। लेकिन कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो कुछ सुनने को तैयार नहीं हुए। कुछ स्थानों पर फाल्ट की वजह से भी विद्युत आपूर्ति बाधित रही। -चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता।