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फर्जी पैनकार्ड लगाकर नौकरी कर रहे शिक्षक की सेवा हुई समाप्त
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आजमगढ़। एक पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों में दो-दो शिक्षकों द्वारा अलग-अलग खाता नंबरों के साथ प्रयोग किए जाने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। जिसमें जिले के ऐसे 24 शिक्षक चिह्नित हुए थे। जिसमें सात शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि होने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। वहीं एक शिक्षिका ने बीमार होने का बहाना करते हुए त्याग पत्र भेज दिया। वहीं बीएसए ने त्याग पत्र को अस्वीकृत करते हुए नियुक्ति तिथि से उसकी सेवा समाप्त कर दी। साथ ही खंड शिक्षाधिकारी को एफआईआर कराने व उसके द्वारा आहरित की गई धनराशि की रिकवरी करने का आदेश भी जारी कर दिया।
जिले के फतेहपुर मंडनपुर गांव निवासी शैला देवी पुत्री जनार्दन उपाध्याय की पहली नियुक्ति मुहम्मदपुर के प्राथमिक विद्यालय बरामदपट्टी में हुई थी। वर्तमान में वह शिक्षा क्षेत्र पल्हनी के प्राथमिक विद्यालय जमदहा में कार्यरत हैं। मई 2020 की शिक्षकों के वेतन की समस्त डिटेल तथा ट्रान्जेक्शन एवं बेनिफिशियरी फाइल की गहन परीक्षण करने पर 192 ऐसे प्रकरण संज्ञान में आए हैं जिनमें एक ही नाम एवं पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री विभिन्न जनपदों की फाइल में सम्मिलित है और उनका खाता संख्या भिन्न है। जिले में भी ऐसे 24 प्रकरण मिले, जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो भिन्न शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। इस सूची में शैला देवी का भी नाम शामिल मिला। शैला देवी के नाम से पैनकार्ड मऊ जिले में भी बैंक खाते में प्रयोग किया गया था। बीएसए ने मऊ जिले के बीएसए को पत्र जारी कर उन्हें इस प्रकरण से अवगत कराया और शिक्षिका शैला देवी को प्रमाण पत्रों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया। सुनवाई के दिन मऊ जिले की रहने वाली शिक्षिका शैला देवी प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित हुई लेकिन आजमगढ़ में तैनात शिक्षिका शैला देवी नहीं पहुंची। दूसरी बार भी सुनवाई में आजमगढ़ की शिक्षिका शैला देवी अनुपस्थित रही। बीएसए ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। कुछ माह बाद शिक्षिका ने बीएसए को पत्र भेजा जिसमें लिखा था कि ‘मैं प्राथमिक विद्यालय जमदहां शिक्षा क्षेत्र पल्हनी में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हूं। मुझे टीबी की बीमारी है। मैं काफी कमजोर हो गई हूं। डाक्टर ने मुझे बेडरेस्ट करने की सलाह दी है। मैं अपनी अस्वस्थता के कारण सेवा से त्याग पत्र सौंप रही हूं।’ बीएसए अम्बरीष कुमार ने शिक्षिका का त्याग पत्र अस्वीकार करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी।
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जिले के फतेहपुर मंडनपुर गांव निवासी शैला देवी पुत्री जनार्दन उपाध्याय की पहली नियुक्ति मुहम्मदपुर के प्राथमिक विद्यालय बरामदपट्टी में हुई थी। वर्तमान में वह शिक्षा क्षेत्र पल्हनी के प्राथमिक विद्यालय जमदहा में कार्यरत हैं। मई 2020 की शिक्षकों के वेतन की समस्त डिटेल तथा ट्रान्जेक्शन एवं बेनिफिशियरी फाइल की गहन परीक्षण करने पर 192 ऐसे प्रकरण संज्ञान में आए हैं जिनमें एक ही नाम एवं पैन नंबर की दो अलग-अलग इंट्री विभिन्न जनपदों की फाइल में सम्मिलित है और उनका खाता संख्या भिन्न है। जिले में भी ऐसे 24 प्रकरण मिले, जिसमें एक ही बैंक खाता नंबर दो भिन्न शिक्षकों के सम्मुख अंकित है। इस सूची में शैला देवी का भी नाम शामिल मिला। शैला देवी के नाम से पैनकार्ड मऊ जिले में भी बैंक खाते में प्रयोग किया गया था। बीएसए ने मऊ जिले के बीएसए को पत्र जारी कर उन्हें इस प्रकरण से अवगत कराया और शिक्षिका शैला देवी को प्रमाण पत्रों के साथ प्रस्तुत होने को कहा गया। सुनवाई के दिन मऊ जिले की रहने वाली शिक्षिका शैला देवी प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित हुई लेकिन आजमगढ़ में तैनात शिक्षिका शैला देवी नहीं पहुंची। दूसरी बार भी सुनवाई में आजमगढ़ की शिक्षिका शैला देवी अनुपस्थित रही। बीएसए ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। कुछ माह बाद शिक्षिका ने बीएसए को पत्र भेजा जिसमें लिखा था कि ‘मैं प्राथमिक विद्यालय जमदहां शिक्षा क्षेत्र पल्हनी में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हूं। मुझे टीबी की बीमारी है। मैं काफी कमजोर हो गई हूं। डाक्टर ने मुझे बेडरेस्ट करने की सलाह दी है। मैं अपनी अस्वस्थता के कारण सेवा से त्याग पत्र सौंप रही हूं।’ बीएसए अम्बरीष कुमार ने शिक्षिका का त्याग पत्र अस्वीकार करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी।
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