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हरोंदू धर्मगुरुओं ने की न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की अपील
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आजमगढ़। अयोध्या में विवादित रामजन्म भूमि प्रकरण में आए फैसले पर हिंदू धर्मगुरुओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से भगवान राम का वनवास खत्म हो गया। अब वह अयोध्या में बिराजेंगे। हम सभी को आपसी सौहार्द कायम रखते हुए न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए। क्योंकि अदालत ने अपने इस फैसले से वर्षों पुराने विवाद को सुलझाया है।
बोले धर्मगुरु
भारत भूमि की पवित्र धरा अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के स्वागत को आतुर है। यह सही अर्थों में संपूर्ण भारतवर्ष के लिए राम नवमी, दशहरा व दीपोत्सव है। हम न्याय के मंदिर सर्वोच्च अदालत के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि आपने यथोचित न्याय का वरण करके संपूर्ण सनातनी भारतीयों को उनकी आस्था और विश्वास को पुन: वापस किया है। इसे देश की गंगा जमुनी तहजीब को बल मिलेगा और एक भारत अखंड भारत का निर्माण होगा।
बजरंग मुनि, महंत मीता दास कुटी हरश्चिंद्रपुर।
सुप्रीमकोर्ट का फैसला सराहनीय है। सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो भारतवर्ष की प्राचीन सभ्यता को प्रदर्शित करता है। हिंदू एवं मुस्लिम को एकजुट होकर नए भारत के निर्माण में सहयोग करना चाहिए। आपसी सौहार्द की परंपरा को बनाए रखना चाहिए। क्योंकि यही हमारी पूंजी हैं।
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गिरजाशंकर पाठक, महंत अठरही धाम महुजा।
भगवान राम की कृपा और भारतवर्ष के सौभाग्य से जो भी फैसला आया है वह संतोषजनक है। भगवान से प्रार्थना है कि भारतवर्ष की शान गंगा जमुनी सभ्यता कभी भी भंग न हो। यह विवाद दोनों समुदायों के बीच में एक बहुत बड़ी रूकावट था। देश के सभी लोगों को इस फैसले को मानते हुए आपस में एक दूसरे के प्रति सहानुभूति रखते हुए प्रेम भाईचारे को अटूट बनाएं।
मुन्ना बाबा, दैवज्ञ, दुर्वासा मंडल।
अयोध्या मामले पर जो यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है वह जनहित में सर्वमान्य है। निर्णय देशहित में है और सर्वमान्य है। मेरी सबसे अपील है कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है उसका सम्मान करते हुए सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
रामकृष्ण दास, महंत शेरपुर कुटी।
सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह बहुत ही सराहनीय और सुंदर है। इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। हमारी लोगों से अपील है कि लोग संयम बरतें, देश की कार्यपालिका और न्यायपालिका पर भरोसा रखें। जो भी फैसला आया है सभी उसका सम्मान करें। देश के निर्माण और उन्नति के पथ पर अग्रसर करने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करें।
राजेश मिश्रा, महंत, बड़ा गणेश मंदिर।
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बोले धर्मगुरु
भारत भूमि की पवित्र धरा अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के स्वागत को आतुर है। यह सही अर्थों में संपूर्ण भारतवर्ष के लिए राम नवमी, दशहरा व दीपोत्सव है। हम न्याय के मंदिर सर्वोच्च अदालत के प्रति आभार व्यक्त करते हैं कि आपने यथोचित न्याय का वरण करके संपूर्ण सनातनी भारतीयों को उनकी आस्था और विश्वास को पुन: वापस किया है। इसे देश की गंगा जमुनी तहजीब को बल मिलेगा और एक भारत अखंड भारत का निर्माण होगा।
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बजरंग मुनि, महंत मीता दास कुटी हरश्चिंद्रपुर।
सुप्रीमकोर्ट का फैसला सराहनीय है। सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला दिया जो भारतवर्ष की प्राचीन सभ्यता को प्रदर्शित करता है। हिंदू एवं मुस्लिम को एकजुट होकर नए भारत के निर्माण में सहयोग करना चाहिए। आपसी सौहार्द की परंपरा को बनाए रखना चाहिए। क्योंकि यही हमारी पूंजी हैं।
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गिरजाशंकर पाठक, महंत अठरही धाम महुजा।
भगवान राम की कृपा और भारतवर्ष के सौभाग्य से जो भी फैसला आया है वह संतोषजनक है। भगवान से प्रार्थना है कि भारतवर्ष की शान गंगा जमुनी सभ्यता कभी भी भंग न हो। यह विवाद दोनों समुदायों के बीच में एक बहुत बड़ी रूकावट था। देश के सभी लोगों को इस फैसले को मानते हुए आपस में एक दूसरे के प्रति सहानुभूति रखते हुए प्रेम भाईचारे को अटूट बनाएं।
मुन्ना बाबा, दैवज्ञ, दुर्वासा मंडल।
अयोध्या मामले पर जो यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है वह जनहित में सर्वमान्य है। निर्णय देशहित में है और सर्वमान्य है। मेरी सबसे अपील है कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है उसका सम्मान करते हुए सभी को आपसी सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
रामकृष्ण दास, महंत शेरपुर कुटी।
सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह बहुत ही सराहनीय और सुंदर है। इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। हमारी लोगों से अपील है कि लोग संयम बरतें, देश की कार्यपालिका और न्यायपालिका पर भरोसा रखें। जो भी फैसला आया है सभी उसका सम्मान करें। देश के निर्माण और उन्नति के पथ पर अग्रसर करने में अपना पूरा सहयोग प्रदान करें।
राजेश मिश्रा, महंत, बड़ा गणेश मंदिर।