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Azamgarh News: पुलिस को देखकर भागा गबन का आरोपी मदरसा प्रबंधक, तबीयत बिगड़ने से मौत
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शव रखकर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
- फोटो : संवाद
लाटघाट (आजमगढ़)। रौनापार थाना क्षेत्र में सोमवार को गबन के आरोपी मदरसा प्रबंधक पुलिस टीम को आता देखकर भागने लगा। इससे तबीयत बिगड़ गई। आरोपी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट आई। वहीं परिजन प्रबंधक को निजी अस्पताल ले गए जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें आजमगढ़ ले जाते समय प्रबंधक की रास्ते में मौत हो गई। वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। इसके बाद परिजनों ने थाने के सामने शव को रखकर प्रदर्शन किया।
रौनापार गांव निवासी कलामुद्दीन (56) जो एक मदरसे के प्रबंधक रहे हैं, उनके खिलाफ फरवरी 2025 में एसआईटी ने मदरसे में गबन और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस के अनुसार वह इस मामले में वांछित चल रहे थे। सोमवार सुबह 10 बजे रौनापार पुलिस उनके घर दबिश देने पहुंची। पुलिस का कहना है कि आरोपी को थाने ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट आई। वहीं, मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कलामुद्दीन के साथ मारपीट की, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। रौनापार पुलिस ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि दबिश के दौरान कोई मारपीट नहीं हुई। पुलिस को देखकर आरोपी घबराया और उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट गई थी।
परिजनों के मुताबिक, कलामुद्दीन पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। पुलिस के जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक और बिगड़ गई। परिजन उन्हें चांदपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद आजमगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सोमवार दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच शव को रौनापार थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी सगड़ी अनिल कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी सिटी शुभम, समेत जहानागंज, बिलरियागंज, लाटघाट चौकी और जीयनपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के परिवार में पत्नी निशा और पुत्र मोहम्मद अनीस, तालिब, आतिफ और आरिफ शामिल हैं। घटना के बाद एहतियातन रौनापार थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे थाना क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधक हृदय रोग से पीड़ित था और संभव है कि घबराहट के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी हो।
फर्जी मिले 219 मदरसों के संचालक पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
जनपद में काफी संख्या में अस्तित्वहीन मदरसों का संचालन किया जा रहा था। एसआईआईटी की जांच में इसकी पुष्टि होने पर ईओडब्ल्यू के कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की ओर से सभी थानों में तहरीर दी गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में 16 नवंबर 2025 को निजामाबाद में फर्जी मदरसा संचालक सोहेल अहमद की पहली गिरफ्तारी हुई थी। इसी मामले में रौनापार थाने में कलामुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
थाना रौनापार क्षेत्र में विभिन्न मुकदमों में वांछित अभियुक्त द्वारा गिरफ्तारी के लिए आती पुलिस टीम को देखकर भागते समय अचानक उसकी सांस फूलने से तबीयत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा उसे इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। -चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।
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रौनापार गांव निवासी कलामुद्दीन (56) जो एक मदरसे के प्रबंधक रहे हैं, उनके खिलाफ फरवरी 2025 में एसआईटी ने मदरसे में गबन और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस के अनुसार वह इस मामले में वांछित चल रहे थे। सोमवार सुबह 10 बजे रौनापार पुलिस उनके घर दबिश देने पहुंची। पुलिस का कहना है कि आरोपी को थाने ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट आई। वहीं, मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कलामुद्दीन के साथ मारपीट की, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। रौनापार पुलिस ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि दबिश के दौरान कोई मारपीट नहीं हुई। पुलिस को देखकर आरोपी घबराया और उसकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट गई थी।
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परिजनों के मुताबिक, कलामुद्दीन पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। पुलिस के जाने के बाद उनकी तबीयत अचानक और बिगड़ गई। परिजन उन्हें चांदपट्टी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद आजमगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सोमवार दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच शव को रौनापार थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। सूचना पर क्षेत्राधिकारी सगड़ी अनिल कुमार वर्मा, क्षेत्राधिकारी सिटी शुभम, समेत जहानागंज, बिलरियागंज, लाटघाट चौकी और जीयनपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के परिवार में पत्नी निशा और पुत्र मोहम्मद अनीस, तालिब, आतिफ और आरिफ शामिल हैं। घटना के बाद एहतियातन रौनापार थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे थाना क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रबंधक हृदय रोग से पीड़ित था और संभव है कि घबराहट के कारण उसकी तबीयत बिगड़ी हो।
फर्जी मिले 219 मदरसों के संचालक पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
जनपद में काफी संख्या में अस्तित्वहीन मदरसों का संचालन किया जा रहा था। एसआईआईटी की जांच में इसकी पुष्टि होने पर ईओडब्ल्यू के कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की ओर से सभी थानों में तहरीर दी गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में 16 नवंबर 2025 को निजामाबाद में फर्जी मदरसा संचालक सोहेल अहमद की पहली गिरफ्तारी हुई थी। इसी मामले में रौनापार थाने में कलामुद्दीन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
थाना रौनापार क्षेत्र में विभिन्न मुकदमों में वांछित अभियुक्त द्वारा गिरफ्तारी के लिए आती पुलिस टीम को देखकर भागते समय अचानक उसकी सांस फूलने से तबीयत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा उसे इलाज हेतु अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। -चिराग जैन, एसपी ग्रामीण।