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Azamgarh News: दुनिया देखने से पहले ही थम गईं 265 शिशुओं की सांसें

Thu, 18 Dec 2025 12:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Dec 2025 12:11 AM IST
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The lives of 265 babies were cut short before they could even see the world
आजमगढ़। जन्म लेने से पहले गर्भ में शिशुओं की मौत के मामले बढ़ रहे हैं। जिले में जनवरी से अब तक 265 शिशुओं की मौत हुई है। यह स्थिति तब है जब गर्भ में शिशुओं की मृत्यु की रोकथाम के लिए अभियान चल रहा है।
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इन शिशुओं की मौत प्रसव के कुछ घंटे पहले हुई है।गर्भवतियों को लाने और ले जाने के लिए मुफ्त सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अब तक सरकारी अस्पतालों में 26,878 प्रसव हुए हैं। इनमें से 23,695 सामान्य और 3,183 ऑपरेशन के प्रसव शामिल हैं। इनमें से 265 शिशुओं की मौत गर्भ में ही हो गई है। सरकार ने जच्चा-बच्चा की मृत्युदर को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चला रखा है। सीएचसी-पीएचसी में विशेष शिविर लगाकर महीने में चार दिन गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन, यूरिन आदि की जांच कराई जाती है। इसमें हाईरिस्क वाली गर्भवतियों को रेफर कर मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाता है।
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एंबुलेंस की व्यवस्था है। आशाओं को उनकी देखभाल के लिए लगाया गया है। इसके बावजूद गर्भ में शिशुओं की मृत्यु का सिलसिला रुक नहीं रहा है। खून की कमी से जूझ रहीं 7017 गर्भवती : आयरन की कमी और पोषणयुक्त आहार नहीं मिलने की वजह से जिले में महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं। पिछले दिनों हुई जांच में 7017 गर्भवती खून की कमी मिली है। इनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा सात ग्राम प्रति डेसीलीटर से भी कम पाई है।
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क्या है स्टिल बर्थ

स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅ. रजनी तिवारी ने बताया कि स्टिल बर्थ यानी गर्भ में शिशुओं की मृत्यु के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें गर्भावस्था के 20वें सप्ताह या इसके बाद गर्भ में शिशु की मृत्यु हो जाती है। इसे गर्भपात से अलग माना जाता है। आमतौर पर गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से पहले भ्रूण की हानि होती है। स्टिल बर्थ विभिन्न कारणों से हो सकता है। इसकी पुष्टि दिल की धड़कन होने जैसे संकेतों से की जाती है।

गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर या फिर कोई अन्य संक्रमण होता है तो तो स्टिलबर्थ होने की आशंका बढ़ जाती है। स्टिलबर्थ रोकने के लिए जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। - डाॅ. उमाशरण पांडेय, एडिशन सीएमओ आजमगढ़।
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