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लापरवाही की हद!: हेडलाइट खराब... टॉर्च की रोशनी में दौड़ाई बस, चार घंटे तक 25 यात्रियों की अटकी रहीं सांसें
Mon, 13 Jan 2025 06:29 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 06:29 PM IST
सार
लखनऊ से बलिया जा रही रोडवेज बस की हेडलाइट बंद हो गई। जिसके बाद परिचालक ने टॉर्च खरीदकर बस के आगे वाले हिस्से पर बांध दिया और उसी के सहार 25 यात्रियों से भरी बस लेकर रवाना हुए। इस दौरान यात्रियों की सांसें अटकी रहीं।
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टॉर्च की रोशनी में दौड़ाई बस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाकुंभ की तैयारियों के बीच परिवहन निगम की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। लखनऊ से बलिया जा रही रोडवेज बस खराब हो गई तो यात्रियों से धक्का लगवाकर स्टार्ट किया गया। फिर उसकी हेडलाइट बंद हो गई। रात करीब आठ बजे आजमगढ़ बस स्टैंड पर मदद नहीं मिलने पर परिचालक ने 250 रुपये की टॉर्च खरीदकर बस के आगे बांध दी। फिर टॉर्च की रोशनी के सहारे चालक बस लेकर रवाना हुआ। यात्री भी अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाए रहे। बलिया तक करीब चार घंटे के सफर के दौरान बस में सवार 25 यात्रियों की सांसें अनहोनी की आशंका में अटकी रहीं।
बलिया रोडवेज डिपो की बस यूपी 50 बीटी 3325 शनिवार को लखनऊ से चली थी। आजमगढ़ पहुंचने से पहले बस खराब हो गई।यात्रियों से धक्का लगवाकर बस को स्टार्ट किया गया। किसी तरह बस आजमगढ़ डिपो पहुंची, मगर उसकी हेडलाइट खराब हो गई।
बस में सवार यात्रियों के अनुसार, परिचालक ने पीछे से आ रही आंबेडकरनगर डिपो की बस में सवारियों को बैठाने का अनुरोध किया, मगर आंबेडकर नगर डिपो के परिचालक ने मना कर दिया। रात में कोई अन्य साधन नहीं मिलता देख यात्री परेशान हो गए।
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बलिया रोडवेज डिपो की बस यूपी 50 बीटी 3325 शनिवार को लखनऊ से चली थी। आजमगढ़ पहुंचने से पहले बस खराब हो गई।यात्रियों से धक्का लगवाकर बस को स्टार्ट किया गया। किसी तरह बस आजमगढ़ डिपो पहुंची, मगर उसकी हेडलाइट खराब हो गई।
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बस में सवार यात्रियों के अनुसार, परिचालक ने पीछे से आ रही आंबेडकरनगर डिपो की बस में सवारियों को बैठाने का अनुरोध किया, मगर आंबेडकर नगर डिपो के परिचालक ने मना कर दिया। रात में कोई अन्य साधन नहीं मिलता देख यात्री परेशान हो गए।
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परिचालक भरत यादव ने बताया कि उसने डिपो में मौजूद अधिकारियों को यह बात बताई लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। उसने 250 रुपये की टॉर्च खरीदी और उसे जलाकर हेडलाइट के पास बांध दिया। इसके बाद बस आजमगढ़ रोडवेज परिसर से बलिया के लिए रवाना हुई। कुछ यात्री अपने-अपने मोबाइल फोन की टॉर्च भी जलाए थे। चालक ने किसी तरह बस को बलिया डिपो तक पहुंचाया तो यात्रियों ने राहत की सांस ली।
यात्री बोले
लखनऊ से आ रहा हूं। रास्ते में बस खराब हो गई थी तो धक्का देकर स्टार्ट कराया गया। फिर हेडलाइट खराब हो गई। कोई बस नहीं होने पर मजबूरी में जाना पड़ रहा है। - आदित्य कुमार गुप्ता, यात्री
सरकारी बस से यात्रा करने पर भरोसा रहता है कि कोई दिक्कत नहीं होगी। यहां तो बस की खराबी के कारण कई घंटे की देरी हो गई। बिना लाइट की बस से पहली बार सफर कर रहा हूं। -अमित कुमार, यात्री
क्या बोले अधिकारी
चालक-परिचालक को इस स्थिति से अवगत कराना चाहिए। बिना हेडलाइट के बस का संचालन रात में कतई नहीं करना चाहिए। कार्यशाला में बस को दिखवाना चाहिए था। यह गलत है। कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार वाजपेई, आरएम आजमगढ़
यात्री बोले
लखनऊ से आ रहा हूं। रास्ते में बस खराब हो गई थी तो धक्का देकर स्टार्ट कराया गया। फिर हेडलाइट खराब हो गई। कोई बस नहीं होने पर मजबूरी में जाना पड़ रहा है। - आदित्य कुमार गुप्ता, यात्री
सरकारी बस से यात्रा करने पर भरोसा रहता है कि कोई दिक्कत नहीं होगी। यहां तो बस की खराबी के कारण कई घंटे की देरी हो गई। बिना लाइट की बस से पहली बार सफर कर रहा हूं। -अमित कुमार, यात्री
क्या बोले अधिकारी
चालक-परिचालक को इस स्थिति से अवगत कराना चाहिए। बिना हेडलाइट के बस का संचालन रात में कतई नहीं करना चाहिए। कार्यशाला में बस को दिखवाना चाहिए था। यह गलत है। कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार वाजपेई, आरएम आजमगढ़