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कामयाबी के लिए करें मेहनत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:58 PM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत डा. अंबेडकर पार्क में सोमवार को बाल शिक्षा अधिकार मेले का आयोजन किया गया। जिसमें परिषदीय विद्यालयों के बच्चों ने लाजवाब व्यंजनों और माडल के जरिए कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने बच्चों के हुनर की प्रशंसा की और उन्हें मेहनत से आगे बढ़ने का मार्ग बताया। कहाकि कामयाबी के लिए खूब मेहनत करें।
बाल शिक्षा अधिकार मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने मां सरस्वती के चित्र माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टालों का निरीक्षण किया और बच्चों द्वारा बनाए गए पकवानों का स्वाद लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, फिर भी प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्ता का स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि शिक्षक विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर शिक्षण कार्य करते हुए शैक्षिक गुणवत्ता को बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।उन्होेने अच्छे कार्य कर रहे शिक्षकों को पुरस्कृत करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव द्वारा गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि गुरू से बड़ा कोई नहीं है। अत: शिक्षक अपने दायित्व के बोध को सदैव ध्यान में रखते हुए बेहतर कार्य करें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन तथा विद्यालय में बच्चों के ठहराव पर जोर देते हुए शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों से अपील की।
जिलाधिकारी द्वारा बच्चों से वार्ता करते हुए जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र द्वारा अपील की गई कि प्रत्येक शिक्षक निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य करे और परिषदीय विद्यालय में लुप्त हो रही शैक्षिक गरिमा को ऊंचा उठाने का प्रयास करे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्राविधानों के बारे में उन्हें अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है।
यदि किसी बच्चे के लिए शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती है, तो उसे वह न्यायालय के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर विश्वनाथ राम, सुरेंद्र यादव, सत्य प्रकाश कुशवाहा, सीमा गौतम, राम कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अनिल सिंह, राजवंत सिंह, चंद्रेश पांडेय, अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।
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बाल शिक्षा अधिकार मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने मां सरस्वती के चित्र माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर बच्चों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टालों का निरीक्षण किया और बच्चों द्वारा बनाए गए पकवानों का स्वाद लिया।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री वसीम अहमद ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यालयों में समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, फिर भी प्राथमिक विद्यालयों में गुणवत्ता का स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि शिक्षक विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर शिक्षण कार्य करते हुए शैक्षिक गुणवत्ता को बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।उन्होेने अच्छे कार्य कर रहे शिक्षकों को पुरस्कृत करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव द्वारा गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि गुरू से बड़ा कोई नहीं है। अत: शिक्षक अपने दायित्व के बोध को सदैव ध्यान में रखते हुए बेहतर कार्य करें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शत-प्रतिशत नामांकन तथा विद्यालय में बच्चों के ठहराव पर जोर देते हुए शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शिक्षकों से अपील की।
जिलाधिकारी द्वारा बच्चों से वार्ता करते हुए जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र द्वारा अपील की गई कि प्रत्येक शिक्षक निष्ठापूर्वक शिक्षण कार्य करे और परिषदीय विद्यालय में लुप्त हो रही शैक्षिक गरिमा को ऊंचा उठाने का प्रयास करे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्राविधानों के बारे में उन्हें अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है।
यदि किसी बच्चे के लिए शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती है, तो उसे वह न्यायालय के माध्यम से प्राप्त कर सकता है। इस मौके पर विश्वनाथ राम, सुरेंद्र यादव, सत्य प्रकाश कुशवाहा, सीमा गौतम, राम कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, अनिल सिंह, राजवंत सिंह, चंद्रेश पांडेय, अनुज कुमार आदि उपस्थित रहे।