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नौनिहालों पर हाईटेंशन लाइन का खतरा

Sun, 26 Jun 2022 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:00 AM IST
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The danger of high tension line on the newborn
आजमगढ़। जिले में कई स्कूलों की छत या परिसर से होकर बिजली का हाईटेंशन तार गुजरा है। इन तारों का करंट स्कूल में कब दौड़े या इसकी चपेट में कब कौन आ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसे लेकर बीएसए ने संज्ञान लिया है और खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी है। ताकि उक्त विद्यालयों के ऊपर से तार को हटाया जा सके।
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बिजली विभाग तथा शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही कभी भी नौनिहालों के लिए खतरा बन सकती है। कई स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बीएसए को पत्र जारी कर ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त बीईओ को पत्र जारी कर ऐसे विद्यालयों का सर्वे करने के लिए कहा है। खंड शिक्षा अधिकारी सर्वे कराकर अपनी रिपोर्ट दे रहे हैं। अभी तक सामने आ रहे आंकड़ों की माने तो अहरौला ब्लाक के नौ विद्यालय, फूलपुर के 12 और महराजगंज के पांच विद्यालय के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है। अभी बाकी के ब्लाकों में सर्वे हो रहा है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा की जिले में कुल कितने विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। अब तक की आई विभागीय रिपोर्ट की माने तो कुल 26 स्कूलों के यह हालात हैं जहां बच्चों की जान को हर समय खतरा बना हुआ है।
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स्कूल के प्रधानाध्यापक की हाईटेंशन तार से जा चुकी है जान
अहरौला। शिक्षा क्षेत्र अहरौला में लगभग नौ परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। उसी हाईटेंशन तार के कारण प्राथमिक विद्यालय गनवारा पर स्कूल के प्रधानाध्यापक की मौत हो गई थी। बावजूद इसके आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आज भी नौनिहाल हाईटेंशन तार के नीचे टेंशन में बैठकर पढ़ाई करते हैं।
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प्राथमिक विद्यालय गनवारा में हाईटेंशन तार से बड़ी दुर्घटना घट चुकी है। स्थानीय लोगों की माने तो 26 मई 2007 में विद्यालय की छत पर काम हो रहा था। स्कूल के तत्कालीन प्रधानाध्यापक अवधेश पांडेय छत का काम देखने के लिए ऊपर गए थे। हाईटेंशन तार की चपेट में आने से झुलस कर मौत हो गई थी। स्कूल परिसर में ही दीवाल बनाकर ट्रांसफार्मर भी रखा गया है। खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश यादव का कहना है कि इसके लिए पहले भी कई बार उच्च अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया है। ऐसे करीब कुल नौ विद्यालय हैं, जिनके ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरे हुए हैं। इसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय हमीदपुर, प्राथमिक विद्यालय गनवारा, प्राथमिक विद्यालय पनकरपुर, कंपोजिट विद्यालय दाउदपुर, प्राथमिक विद्यालय कोठा, प्राथमिक विद्यालय बिहारा बुजुर्ग समेत अन्य विद्यालय शामिल है।

कई स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है, जो मरम्मत के अभाव में क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में हाईटेंशन तार नौनिहालों के जीवन के लिए खतरा बना हुआ है। ऐसे विद्यालयों का सर्वे कर तार हटाए जाएंगे ताकि नौनिहालों का जीवन सुरक्षित रह सके। - अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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