UP: केस समाप्त होने के बाद भी दो पक्षों में तनाव, मकान का पटरा और बल्ली को पोखेरे में फेंका; जानें पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मकान विवाद का मुकदमा समाप्त हो चुका था। आरोप है कि जब उसे बनवाने के लिए काम लगवाया गया तो कुछ दलित युवक आए और विवाद उत्पन्न कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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Crime in Azamgarh: आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के कस्बे के वार्ड नंबर 3, गढ़वा मोहल्ला में बुधवार की रात करीब 10 बजे एक मकान के निर्माण कार्य को लेकर दो पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। विवाद के चलते दोनों पक्षों के चार-चार लोग थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, गढ़वा मोहल्ला निवासी अकरम ने हसनपुर में एक मकान में शटरिंग का काम शुरू किया था। अकरम का दावा है कि उन्होंने इस संपत्ति की रजिस्ट्री कराई है। हाल ही में राज नारायण के साथ चल रहा मुकदमा समाप्त हो चुका है।
राज नारायण ने लिखित रूप से संपत्ति पर अकरम का कब्जा स्वीकार कर लिया था। विवाद तब शुरू हुआ जब गढ़वा मोहल्ला के कुछ दलित समुदाय के लोगों ने निर्माण कार्य में उपयोग हो रहे पटरा और बल्ली को पास के पोखरे में फेंक दिया।
पुलिस ने की कार्रवाई
अकरम ने आरोप लगाया कि राज और उनके साथियों ने निर्माण कार्य के दौरान उन पर हमला किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और तनाव बढ़ गया। रात में ही दोनों पक्षों के चार-चार लोग सरायमीर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
प्रभारी निरीक्षक यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि अकरम को मकान निर्माण के लिए लिखित अनुमति दी गई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर शांतिपूर्ण ढंग से मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।