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लखनऊ से आई टीम ने गन्ना क्रय केंद्रों का किया निरीक्षण
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प्रबंध निदेशक रामाकांत पांडेय के निर्देश पर गन्ना किसानों को जागरूक करने एवं गन्ना क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए लखनऊ से दो सदस्यी टीम जिले में पहुंची। पिछले चार दिनों में 22 गन्ना क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने गन्ना किसानों को जागरूक किया। साथ ही पर्ची जारी होने के बाद ही गन्ना कटाई करने के लिए निर्देश दिए। वहीं गन्ना क्रय केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि सूखा गन्ना मिल में केंद्रों द्वारा भेजा गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिकवरी दर कम होने के कारण प्रबंध निदेशक रामाकांत पांडेय के निर्देश पर दो सदस्यी टीम गठित की गई है। जिसमें मुख्य गन्ना अधिकारी शिवेंद्र सिंह ढाका स्नेह रोड नजिमाबाद व मुख्य गन्ना अधिकारी राजदीप बलियान सहकारी चीनी मिल बागपत शामिल हैं। उक्त गठित टीम 27 जनवरी को ही जिले में आ गई। टीम गन्ना क्रय केंद्र भदौरा, छितौनी, दोहरा, परशुराम, बूढ़नपुर, सहदेवगंज, मदिरापार, तहबरपुर सहित कुल 22 क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कहा कि किसान साफ-सुथरा गन्ना क्रय केंद्रों पर दें। किसान सूखा गन्ना न दें। उन्होंने किसानों से अपील किया कि जब पर्ची जारी हो जाए तभी किसान खेतों से गन्ना की कटाई करें। वहीं गन्ना क्रय केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि वह सूखा गन्ना मिल को न भेजें। यदि वह सूखा गन्ना मिल को भेजेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। टीम ने बताया कि गन्ना सूखा होने के कारण रिकवरी दर घट जाता है। टीम ने निरीक्षण किया तो नीबी बुजुर्ग, मोहब्बतपुर, सुराई, भटौरा, फकरुद्दीनपुर आदि गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है। निरीक्षण के दौरान मुख्य गन्ना अधिकारी डा. विनय प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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रिकवरी दर कम होने के कारण प्रबंध निदेशक रामाकांत पांडेय के निर्देश पर दो सदस्यी टीम गठित की गई है। जिसमें मुख्य गन्ना अधिकारी शिवेंद्र सिंह ढाका स्नेह रोड नजिमाबाद व मुख्य गन्ना अधिकारी राजदीप बलियान सहकारी चीनी मिल बागपत शामिल हैं। उक्त गठित टीम 27 जनवरी को ही जिले में आ गई। टीम गन्ना क्रय केंद्र भदौरा, छितौनी, दोहरा, परशुराम, बूढ़नपुर, सहदेवगंज, मदिरापार, तहबरपुर सहित कुल 22 क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने कहा कि किसान साफ-सुथरा गन्ना क्रय केंद्रों पर दें। किसान सूखा गन्ना न दें। उन्होंने किसानों से अपील किया कि जब पर्ची जारी हो जाए तभी किसान खेतों से गन्ना की कटाई करें। वहीं गन्ना क्रय केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए कि वह सूखा गन्ना मिल को न भेजें। यदि वह सूखा गन्ना मिल को भेजेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। टीम ने बताया कि गन्ना सूखा होने के कारण रिकवरी दर घट जाता है। टीम ने निरीक्षण किया तो नीबी बुजुर्ग, मोहब्बतपुर, सुराई, भटौरा, फकरुद्दीनपुर आदि गांवों के खेतों में पानी भरा हुआ है। निरीक्षण के दौरान मुख्य गन्ना अधिकारी डा. विनय प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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