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विकराल हुई तमसा, नदी किनारे बसे लोगों में मचा हड़कंप
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मुहम्मदपुर बाजार में जल निकासी की व्यवस्था ना होने से आजमगढ़ वाराणसी मार्ग जल जमाव।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। नगर की जीवनदायिनी तमसा अब विकराल रूप धारण कर चुकी है। नदी का पानी शहर बाइपास बंधे को छूूने लगा है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के कारण नदी किनारे ग्रीन बेल्ट में आवास बनाकर रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। बहुत से लोग घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं। राजघाट पर शवदाह के लिए बनाया गया स्थल पूरी तरह से पानी में डूब चुका है। कालोनियों में जमा पानी को पंप के सहारे बाहर निकाला जा रहा है।
नगर से होकर गुजरने वाली तमसा नदी ने अब लोगों को डराना शुरू कर दिया है। नदी में बढ़ोत्तरी का क्रम एक सेमी कम हुआ है। रविवार को तमसा नदी का जलस्तर प्रतिघंटे तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा था जो सोमवार को एक सेमी घटकर दो सेमी प्रतिघंटा हो गया। रविवार को तमसा का जलस्तर नरौली गेज पर 72.490 मीटर दर्ज किया गया था जो सोमवार को 72.990 मीटर हो गया। नदी का खतरा बिंदू 74.00 मीटर है। तमसा ने धीरे-धीरे अपने आकार को बढ़ाना शुरू कर दिया है। राजघाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए बना शवदाह स्थल पूरी तरह से पानी में डूट गया है। नदी का पानी स़ीढ़ियों से ऊपर आ गया है। नदी के किनारे ग्रीन लैंड एरिया में बने ज्यादा मकानों में पानी भर गया है। जिसके कारण लोग घर छोड़ने को विवश हो गए हैं। वहीं बहुत से लोगों मकान के ऊपरी हिस्से पर अपना आशियाना बना लिया है। नदी किनारे लगाए गए रेगुलेटरों की मरम्मत न होने से इनमें रिसाव का क्रम जारी है। जलस्तर बढ़ने के साथ दो रेगुलेटरों से पानी शहर में प्रवेश करने लगा। पूरे दिन बाढ़ खंड के कर्मचारी इन रिसावों को बंद करने में जुटे रहे। बागेश्वर नगर में लगे रेगुलेटर को जिसे रविवार को बंद किया गया था जलस्तर बढ़ने के साथ इसमें रिसाव होने लगा। जिससे मुहल्ले में नदी का पानी प्रवेश करने लगा। वहीं रैदोपुर आफिसर्स कालोनी में लगे रेगुलेटर से भी पानी का रिसाव हो रहा था जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बंद किया जा सका। बाग लखरांव पुल के दोनों तरफ बारिश के कारण एप्रोच की हालत बिगड़ गई है।
तमसा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसके कारण रेगुलेटरों से रिसाव भी हो रहा है। लेकिन मैं खुद मौके पर रहते हुए कर्मचारियों से इनकी मरम्मत करा रहा हूं। हमारा विभाग पूरी तरह से चौकन्ना है। नदी और हर रेगुलेटर पर हमारी पूरी नजर है।
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अवनीश कुमार, जेई बाढ़खंड।
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नगर से होकर गुजरने वाली तमसा नदी ने अब लोगों को डराना शुरू कर दिया है। नदी में बढ़ोत्तरी का क्रम एक सेमी कम हुआ है। रविवार को तमसा नदी का जलस्तर प्रतिघंटे तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा था जो सोमवार को एक सेमी घटकर दो सेमी प्रतिघंटा हो गया। रविवार को तमसा का जलस्तर नरौली गेज पर 72.490 मीटर दर्ज किया गया था जो सोमवार को 72.990 मीटर हो गया। नदी का खतरा बिंदू 74.00 मीटर है। तमसा ने धीरे-धीरे अपने आकार को बढ़ाना शुरू कर दिया है। राजघाट पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए बना शवदाह स्थल पूरी तरह से पानी में डूट गया है। नदी का पानी स़ीढ़ियों से ऊपर आ गया है। नदी के किनारे ग्रीन लैंड एरिया में बने ज्यादा मकानों में पानी भर गया है। जिसके कारण लोग घर छोड़ने को विवश हो गए हैं। वहीं बहुत से लोगों मकान के ऊपरी हिस्से पर अपना आशियाना बना लिया है। नदी किनारे लगाए गए रेगुलेटरों की मरम्मत न होने से इनमें रिसाव का क्रम जारी है। जलस्तर बढ़ने के साथ दो रेगुलेटरों से पानी शहर में प्रवेश करने लगा। पूरे दिन बाढ़ खंड के कर्मचारी इन रिसावों को बंद करने में जुटे रहे। बागेश्वर नगर में लगे रेगुलेटर को जिसे रविवार को बंद किया गया था जलस्तर बढ़ने के साथ इसमें रिसाव होने लगा। जिससे मुहल्ले में नदी का पानी प्रवेश करने लगा। वहीं रैदोपुर आफिसर्स कालोनी में लगे रेगुलेटर से भी पानी का रिसाव हो रहा था जिसे कड़ी मशक्कत के बाद बंद किया जा सका। बाग लखरांव पुल के दोनों तरफ बारिश के कारण एप्रोच की हालत बिगड़ गई है।
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तमसा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसके कारण रेगुलेटरों से रिसाव भी हो रहा है। लेकिन मैं खुद मौके पर रहते हुए कर्मचारियों से इनकी मरम्मत करा रहा हूं। हमारा विभाग पूरी तरह से चौकन्ना है। नदी और हर रेगुलेटर पर हमारी पूरी नजर है।
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अवनीश कुमार, जेई बाढ़खंड।

जहानागंज के मंगई नदी के पानी से डूबे गांव।- फोटो : AZAMGARH