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बंदीरक्षक को किया निलंबित

Wed, 22 Jun 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Wed, 22 Jun 2016 11:49 PM IST
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Suspended prison guard
Jail
मंडल कारागार में महिला बंदी के साथ दुराचार के मामले की जांच करने बुधवार को रेंज गोरखपुर के जेल डीआईजी यादुवेंद्र शुक्ला पहुंचे। मामले में उनके निर्देश पर जेल अधीक्षक डा. रामधनी ने आरोपी बंदी रक्षक अवधेश यादव को निलंबित कर दिया। वहीं जेल में कोई भी महिला अधिकारी न होने से बयान नहीं हो पाया। ऐसे में डीआईजी ने बयान रिकार्ड करने के लिए किसी महिला अधिकारी को नामित करने के लिए आईजी जेल को पत्र लिखा है।
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बता दें कि तरवां थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक की हत्या के मामले में रानी की सराय थाना क्षेत्र के रहने वाले एक दंपती जेल में है। 12 फरवरी 2016 से जेल में निरुद्ध पति पुरुष बैरक में जबकि उसकी पत्नी महिला बैरक में निरुद्ध है। 21 जून को सुनवाई के लिए न्यायालय आई महिला ने जिला जज राजेंद्र कुमार को शिकायती पत्र सौंपा। महिला का आरोप है कि जेल के एक बंदी रक्षक ने महिला होमगार्ड की मदद से उसके साथ करीब पंद्रह दिन पहले बलात्कार किया। महिला ने जब अधिकारियों से शिकायत की बात कही तो बंदी रक्षक और महिला होमगार्ड उसे किसी दूसरी जेल में भेजकर प्रताड़ित करने की धमकी दी और मजबूरी का फायदा उठाने लगा।
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महिला बंदी ने सारी बात पति को बताई। उसने अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने में जुट गए। महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला जज ने एक जुलाई तक जेल अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है। उधर डीआईजी जेल यादुवेंद्र शुक्ला बुधवार को मंडल कारागार पहुंचे और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। डीआईजी के जेल पहुंचने से जेल में पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल रहा।
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मंडल कारागार आजमगढ़ सहित आसपास के जेलों में कोई भी ऐसी महिला अधिकारी नहीं तैनात है जिसके जरिए बलात्कार पीड़िता का बयान रिकार्ड किया जाए। ऐसे में जिला प्रशासन से मदद मांगी गई थी लेकिन संतोष जनक जवाब नहीं मिला। बयान के लिए किसी महिला अधिकारी को नामित करने के लिए आईजी जेल को पत्र लिखा गया। 
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