{"_id":"6009c6908ebc3e31695fc723","slug":"sugar-mill-workers-on-strike-due-to-non-payment-of-salary-in-azamgarh-azamgarh-news-vns570470099","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ में वेतन भुगतान न होने से हड़ताल पर गए चीनी मिल के कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़ में वेतन भुगतान न होने से हड़ताल पर गए चीनी मिल के कर्मचारी
विज्ञापन
सठियावं चीनी मिल में कर्मचारियों को समझाते मुख्य रसायन विद।
- फोटो : AZAMGARH
सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड सठियांव के संचालन में लगी इस्जैक कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने पर बृहस्पतिवार को हड़ताल कर कर केन कैरियर के सामने प्रदर्शन किया। मुख्य रसायन विद बीके यादव और कार्यदायी संस्था के जीएम वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने कर्मचारियों को आश्वासन देकर डेढ़ घंटे बाद हड़ताल खत्म कराया।
कर्मचारियों की हड़ताल से मिल में अफरातफरी मच गई और लगभग दो हजार कुंतल गन्ने की क्रशिंग प्रभावित हुई। सठियांव में मिल संचालित करने वाली संस्था इस्जैक के 300 अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को बीते नवंबर से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि तीन महीने के सीजन में तनख्वाह नहीं मिलेगी तो वे कहां से राशन, दवा और मकान के किराये की व्यवस्था करेंगेे। बच्चों की पढ़ाई का खर्च कहां से लाएंगे। आश्वासन के बाद जब वेतन नहीं मिला तो पहली पाली में कार्यरत लगभग 110 कर्मचारी मिल बंद कर हड़ताल पर चले गए।
जानकारी होने पर मुख्य रसायन विद बीके यादव और जीएम वीरेंद्र कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। कर्मचारी तत्काल भुगतान करने की बात पर अड़ गए। बीके यादव ने कहा कि वेतन भुगतान के लिए 51 लाख रुपये का चेक जारी हो चुका है। कर्मचारी बोले मैसेज आने के बाद मिल चालू होगी। काफी मशक्कत के बाद चेक दिखाने पर लगभग डेढ़ घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौटे। इस्जैक के मैनेजर ने बताया कि मिल पर संस्था का पांच करोड़ रुपये बकाया है। हड़ताल करने वालों में अंबरीक सिंह, अमरदीप सिंह, इंद्रमणि राय, हरिदास उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कर्मचारियों की हड़ताल से मिल में अफरातफरी मच गई और लगभग दो हजार कुंतल गन्ने की क्रशिंग प्रभावित हुई। सठियांव में मिल संचालित करने वाली संस्था इस्जैक के 300 अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों को बीते नवंबर से वेतन नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि तीन महीने के सीजन में तनख्वाह नहीं मिलेगी तो वे कहां से राशन, दवा और मकान के किराये की व्यवस्था करेंगेे। बच्चों की पढ़ाई का खर्च कहां से लाएंगे। आश्वासन के बाद जब वेतन नहीं मिला तो पहली पाली में कार्यरत लगभग 110 कर्मचारी मिल बंद कर हड़ताल पर चले गए।
विज्ञापन
जानकारी होने पर मुख्य रसायन विद बीके यादव और जीएम वीरेंद्र कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। कर्मचारी तत्काल भुगतान करने की बात पर अड़ गए। बीके यादव ने कहा कि वेतन भुगतान के लिए 51 लाख रुपये का चेक जारी हो चुका है। कर्मचारी बोले मैसेज आने के बाद मिल चालू होगी। काफी मशक्कत के बाद चेक दिखाने पर लगभग डेढ़ घंटे बाद कर्मचारी काम पर लौटे। इस्जैक के मैनेजर ने बताया कि मिल पर संस्था का पांच करोड़ रुपये बकाया है। हड़ताल करने वालों में अंबरीक सिंह, अमरदीप सिंह, इंद्रमणि राय, हरिदास उपस्थित थे।
विज्ञापन