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अदालत के आदेश पर उप निरीक्षक ने उठाए सवाल
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आजमगढ़। गंभीरपुर थाने के उप निरीक्षक को अदालत द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश को अनावश्यक बताना भारी पड़ गया, जब कोर्ट ने उनके खिलाफ प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही उन्हें अदालत में प्रस्तुत होकर चार दिन के अंदर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
जमीन के विवाद में मारपीट व गोली चला देने के मामले में कोर्ट ने थानाध्यक्ष गंभीरपुर को चार आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। इस मामले में पीड़ित लालजी पुत्र नूरई निवासी गांव उमरीश्री ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। लालजी का आरोप है कि उनके ही गांव के रामजन्म पुत्र रामहित, सकलदीप व धनंजय पुत्र रामजन्म, मनसा देवी पत्नी रामजन्म उनके जमीन पर जबरदस्ती मकान बनवा रहे थे। जब लालजी ने इस पर एतराज किया तो 19 मई 2020 की शाम लगभग चार बजे विपक्षी लालजी के दरवाजे पर चढ़कर गालियां देने लगे और सकलदीप ने जान से मारने की नियत से लालजी पर कट्टे से गोली चलाई। संजोग अच्छा रहा कि लालजी बच गए। इसके अलावा हमलावरों ने लालजी व उसके लड़के रामअवध और नाती अतुल को बुरी तरह से मारा पीटा। मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपम दुबे ने इस प्रकरण में थानाध्यक्ष गंभीरपुर को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसी प्रकरण में अदालत में मुकदमा दर्ज होने के बाबत थानाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की थी। थाने से भेजी गई आख्या में उप निरीक्षक विजय प्रकाश मौर्या ने अनावश्यक तथ्य लिखते हुए यह भी लिख दिया कि यदि न्यायालय एफआईआर का आदेश देता है तो लोगों का कानून पर विश्वास उठ जाएगा। अदालत ने इस टिप्पणी को न्याय प्रशासन की कार्यप्रणाली में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप मानते हुए उप निरीक्षक विजय प्रकाश मौर्य के विरुद्ध प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज कर चार दिन में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
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जमीन के विवाद में मारपीट व गोली चला देने के मामले में कोर्ट ने थानाध्यक्ष गंभीरपुर को चार आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। इस मामले में पीड़ित लालजी पुत्र नूरई निवासी गांव उमरीश्री ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। लालजी का आरोप है कि उनके ही गांव के रामजन्म पुत्र रामहित, सकलदीप व धनंजय पुत्र रामजन्म, मनसा देवी पत्नी रामजन्म उनके जमीन पर जबरदस्ती मकान बनवा रहे थे। जब लालजी ने इस पर एतराज किया तो 19 मई 2020 की शाम लगभग चार बजे विपक्षी लालजी के दरवाजे पर चढ़कर गालियां देने लगे और सकलदीप ने जान से मारने की नियत से लालजी पर कट्टे से गोली चलाई। संजोग अच्छा रहा कि लालजी बच गए। इसके अलावा हमलावरों ने लालजी व उसके लड़के रामअवध और नाती अतुल को बुरी तरह से मारा पीटा। मामले के तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुपम दुबे ने इस प्रकरण में थानाध्यक्ष गंभीरपुर को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया। इसी प्रकरण में अदालत में मुकदमा दर्ज होने के बाबत थानाध्यक्ष से रिपोर्ट तलब की थी। थाने से भेजी गई आख्या में उप निरीक्षक विजय प्रकाश मौर्या ने अनावश्यक तथ्य लिखते हुए यह भी लिख दिया कि यदि न्यायालय एफआईआर का आदेश देता है तो लोगों का कानून पर विश्वास उठ जाएगा। अदालत ने इस टिप्पणी को न्याय प्रशासन की कार्यप्रणाली में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप मानते हुए उप निरीक्षक विजय प्रकाश मौर्य के विरुद्ध प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज कर चार दिन में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।
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