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शोध्ा से दूर होगी अज्ञानता
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 01 Mar 2015 12:17 AM IST
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शिब्ली महाविद्यालय के सभागार में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन किया गया। भौतिक विज्ञान विभाग के प्रवक्ता डा. इमरान अजीज ने कहा कि सृष्टि की संरचना विज्ञान पर आधारित है।
वैज्ञानिक शोध से अज्ञानता दूर की जा सकती है। इस दौरान भौतिक विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा उपयोगी वैज्ञानिक खोजों को बिंदुवार रखा।
डॉ. इमरान ने आगे कहा कि आयोजन का मकसद राष्ट्र की सुरक्षा और समाज के उत्थान के प्रति लोगों को वैज्ञानिक तरीके से प्रेरित करना है।
इस दौरान एमएसी प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र और छात्राओं ने राष्ट्र सुरक्षा और मानव उत्थान पर किए गए शोधो से लोगों को अवगत कराया।
रेहान अहमद ने न्यूक्लियर फ्यूजन से प्रेरित जेड मशीन, फिरोज हसन ने फैक्चर के बाद हड्डी को जोड़ने में सहायक बायोसेमरिक, शिवानी पांडेय ने दुनिया की सबसे कठोर धातु केवलार के बारे में बताया।
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शिवानी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की गाड़ी इसी धातु से तैयार की गई है। एमन अब्बास ने अति सुरक्षित बेब साइड क्वांटम इंटरनेट, कुलसुम जबी ने लेस इनर्जी खर्च करने वाली ब्लू एलईडी के बारे में बताया।
अनामिका ओझा ने चिकित्सा क्षेत्र में उपयोगी क्वांटम माइक्रोस्कोप, अक्षिता सिंह ने मिनी एक्सीलेटर, शुब्रा राय ने क्वांटम क्यारस, प्रतिमा चौहान ने अल्ट्रा कोल्ड एटम, शालनी राय ने जर्मिन तथा कंचन यादव ने क्रिस्टल लाइट की मानव और राष्ट्र सुरक्षा में उपयोगिता बताई।
बतौर मुख्य अतिथि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रितु सुहास ने कहा कि वैज्ञानिक खोज का परिणाम है कि आज विश्व सिमट कर एक हो गया है।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डा. अफसर अली ने कहा कि एेसे आयोजनों से छात्रों के माध्यम से वैज्ञानिक शोधों का आदान प्रदान होता है।
कहा कि साथ ही उन्हें विज्ञान से जुड़े अन्य तथ्य जानने के अवसर भी मिलते हैं जिससे उसे लाभ हासिल होता है। विभागाध्यक्ष भौतिक विज्ञान विभाग डा. सैयद ताहिर हसन ने आए हुए लोगों के प्रति आभार जताया।
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वैज्ञानिक शोध से अज्ञानता दूर की जा सकती है। इस दौरान भौतिक विज्ञान विभाग के स्नातकोत्तर प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा उपयोगी वैज्ञानिक खोजों को बिंदुवार रखा।
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डॉ. इमरान ने आगे कहा कि आयोजन का मकसद राष्ट्र की सुरक्षा और समाज के उत्थान के प्रति लोगों को वैज्ञानिक तरीके से प्रेरित करना है।
इस दौरान एमएसी प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र और छात्राओं ने राष्ट्र सुरक्षा और मानव उत्थान पर किए गए शोधो से लोगों को अवगत कराया।
रेहान अहमद ने न्यूक्लियर फ्यूजन से प्रेरित जेड मशीन, फिरोज हसन ने फैक्चर के बाद हड्डी को जोड़ने में सहायक बायोसेमरिक, शिवानी पांडेय ने दुनिया की सबसे कठोर धातु केवलार के बारे में बताया।
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शिवानी ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की गाड़ी इसी धातु से तैयार की गई है। एमन अब्बास ने अति सुरक्षित बेब साइड क्वांटम इंटरनेट, कुलसुम जबी ने लेस इनर्जी खर्च करने वाली ब्लू एलईडी के बारे में बताया।
अनामिका ओझा ने चिकित्सा क्षेत्र में उपयोगी क्वांटम माइक्रोस्कोप, अक्षिता सिंह ने मिनी एक्सीलेटर, शुब्रा राय ने क्वांटम क्यारस, प्रतिमा चौहान ने अल्ट्रा कोल्ड एटम, शालनी राय ने जर्मिन तथा कंचन यादव ने क्रिस्टल लाइट की मानव और राष्ट्र सुरक्षा में उपयोगिता बताई।
बतौर मुख्य अतिथि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रितु सुहास ने कहा कि वैज्ञानिक खोज का परिणाम है कि आज विश्व सिमट कर एक हो गया है।
अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डा. अफसर अली ने कहा कि एेसे आयोजनों से छात्रों के माध्यम से वैज्ञानिक शोधों का आदान प्रदान होता है।
कहा कि साथ ही उन्हें विज्ञान से जुड़े अन्य तथ्य जानने के अवसर भी मिलते हैं जिससे उसे लाभ हासिल होता है। विभागाध्यक्ष भौतिक विज्ञान विभाग डा. सैयद ताहिर हसन ने आए हुए लोगों के प्रति आभार जताया।