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Azamgarh News: पूजे गए नाग देवता, दूध-लावा चढ़ा
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नाग पंचमी का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने नाग देवता की पूजा कर उनको दूध-लावा चढ़ाया। कई स्थानों पर कबड्डी प्रतियोगिता हुई जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कई गांव में मेला का आयोजन किया गया।
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है तथा नागों का दर्शन करने को पुण्य माना जाता है। सावन में इस पर्व के पड़ने के चलते यह भी मान्यता रही है कि नागदेवता की पूजा करने से व्यक्ति व उसके परिजन सर्पों के डंसने से बचे रहते हैं।
पर्व की तैयारियां सुबह से ही घरों में चलती रही। घर के हर कोने की साफ-सफाई की गई। शहर समेत गांव में स्थित शिवालयों एवं अन्य मंदिरों के साथ ही घर पर और सामूहिक स्थलों पर नाग देवता के चित्र पर दूध और लावा चढ़ाकर पूजन हुआ। घर-घर में इस मौके पर पकवान भी बनाए गए। ग्रामीण क्षेत्र में कई जगहों पर दंगल व कबड्डी का भी आयोजन हुआ।
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श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है तथा नागों का दर्शन करने को पुण्य माना जाता है। सावन में इस पर्व के पड़ने के चलते यह भी मान्यता रही है कि नागदेवता की पूजा करने से व्यक्ति व उसके परिजन सर्पों के डंसने से बचे रहते हैं।
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पर्व की तैयारियां सुबह से ही घरों में चलती रही। घर के हर कोने की साफ-सफाई की गई। शहर समेत गांव में स्थित शिवालयों एवं अन्य मंदिरों के साथ ही घर पर और सामूहिक स्थलों पर नाग देवता के चित्र पर दूध और लावा चढ़ाकर पूजन हुआ। घर-घर में इस मौके पर पकवान भी बनाए गए। ग्रामीण क्षेत्र में कई जगहों पर दंगल व कबड्डी का भी आयोजन हुआ।
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