फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Six political murders have taken place in two months

दो माह में हो चुकी हैं छह राजनैतिक हत्याएं

Sun, 11 Oct 2020 09:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 09:51 PM IST
विज्ञापन
Six political murders have taken place in two months
आजमगढ़। अभी पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। इसके बाद भी चुनावी रंजिश चरम पर पहुंच गई है। बीते दो माह में राजनैतिक हत्याओं की बात की जाए तो अब तक छह से अधिक ऐसी हत्याएं हो चुकी है। सैकड़ों की संख्या में मारपीट आदि की घटनाओं हो चुकी हैं। राजनैतिक हत्याओं पर लगाम लगाने को लेकर पुलिस ने बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की कवायद शुरू किया था लेकिन अब तक पुलिस की सारी कवायद हवा-हवाई ही साबित हो रही है। एक के बाद एक राजनैतिक हत्याएं हो रही है और महकमा मूकदर्शक बना हुआ है।
विज्ञापन

जिले में राजनैतिक हत्याओं का दौर 13 अगस्त से शुरू हुआ। जब पड़ोसी गांव के प्रधान के यहां पार्टी करने गए देवगांव कोतवाली क्षेत्र के नाऊपुर गांव निवासी हीरालाल यादव व उसके पुत्र तेज यादव की प्रधान के पुत्र ने गोली मार कर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में महिला प्रधान के साथ ही अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। 14 अगस्त को तरवां थाना क्षेत्र के बांसगांव के प्रधान सत्यमेव जयते उर्फ पप्पू राम की गांव के पास स्थित इंटर कालेज के पास हत्या कर दी गई। प्रधान हत्याकांड में चार लोग नामजद किए गए, जिसमें तीन गिरफ्तार हो चुके है तो वहीं मुख्या आरोपी अभी भी फरार चल रहा है। इसके बाद अगली राजनैतिक हत्या 24 अगस्त को निजामाबाद थाना क्षेत्र में हुई। नेवादा गांव निवासी बीडीसी सुरेंद्र यादव की बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। इस हत्याकांड के भी प्रमुख आरोपी गिरफ्तार हो चुके है। राजनैतिक हत्याओं का क्रम यहीं शांत नहीं हुआ। आठ अक्टूबर को पवई थाना क्षेत्र के जल्दीपुर गांव निवासी भाजपा नेता अर्जुन यादव की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में आरोपी अज्ञात है। वहीं इसी दिन मेंहनगर थाना क्षेत्र में बीडीसी पुत्र की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। अभी पंचायत चुनाव की तिथि घोषित नही हुई है और उसके पूर्व ही चुनावी रंजिश में राजनैतिक हत्याओं का दौर जिले में शुरू हो चुका है और पुलिस महकमा सिर्फ बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की कवायद शुरू कर मूकदर्शक बनी हुई है। प्रधान हत्याकांड का मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्त में नहीं आने से परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है तो वहीं बीडीसी प्रतिनिधि व भाजपा नेता अर्जुन यादव की हत्या भी पुलिस के लिए चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed