UP News: आजमगढ़ में धर्मांतरण के प्रयास का सरगना है सिकंदर, कव्वाली-प्रवचन के बहाने चलाता था खुला 'खेल'
आजमगढ़ जिले के देवगांव कोतवाली के चिरकिहिट गांव में 24 मई की रात हिंदुओं के धर्मांतरण का बड़ा प्रयास हुआ था। समय रहते पुलिस की सक्रियता से धर्मांतरण का खेल सफल नहीं हो सका। मौके से 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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यूपी के आजमगढ़ जिले के चिरकिहिट गांव में बीते हफ्ते धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। मौके से 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की सप्ताहभर चली जांच में गिरफ्तार सिंकदर ही इस गिरोह का मुख्य सरगना निकला। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक धर्म की अच्छाइयां और दूसरे धर्म की खामियां बताने के साथ ही पैसों का लालच देकर भोले-भाले लोगों को बरगलाते थे। धार्मिक प्रवचन और कव्वाली आयोजन के नाम पर लोगों को धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था।
आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य के अनुसार विशेष टीम अभी जांच पड़ताल में जुटी है। हर बिंदु पर जांच हो रही है। देवगांव थाना क्षेत्र के चिरकिहिट गांव में 24 मई की रात कव्वाली का आयोजन किया गया। इस दौरान वहां हिंदू प्रतीक चिह्न पर मुस्लिम धर्मगुरुओं की तस्वीर लगाई गई थी। कव्वाली कार्यक्रम में बाराबंकी व अन्य जनपदों से लोगों को बुलाया गया था। बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने की योजना थी।
पुलिस की जांच में कई बड़े खुलासे
समय रहते ही पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। गांव धमकी पुलिस ने कार्यक्रम का आयोजन करने वाले 18 लोगों को गिरफ्तार किया। थाने पर पूछताछ आदि के बाद सभी का चालान कर दिया गया। वहीं प्रकरण की पूरी जांच के लिए एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। बुधवार को एसपी ने बताया कि लगभग सप्ताह भर की जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि बरदह थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव का निवासी सिकंदर धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का सरगना है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गांव का अवधेश पासी बाराबंकी के देवा शरीफ व चार-पांच अन्य दरगाहों पर जाया करता था। जहां उसकी मुलाकात बरदह के मैनपुर गांव निवासी सिकंदर से हुई। सिकंदर देवा शरीफ में ही झाड़-फूंक का काम करता था। वह लोगों को बीमारियां दूर करने व अन्य प्रलोभन देकर धर्मांतरण की कोशिश करता था। सिकंदर के योजना पर ही 24 मई की रात अवधेश पासी के घर पर कव्वाली का आयोजन किया गया था। धार्मिक चिह्न गाड़कर टोटके किए गए।
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लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा था कि उनकी बीमारियां दूर हो जाएंगी, आर्थिक समस्याएं और अन्य कष्ट दूर हो जाएंगे। एसपी ने दावा किया कि आरोपियों की मंशा ये थी अगर एक बार ये लोग धर्मांतरण को तैयार नहीं नहीं होते है, तो तीन से चार बार ऐसा कार्यक्रम कराया जाएगा। कार्यक्रम के माध्यम से हिंदुओं को ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण कराया जाएगा। एसपी ने बताया कि अभी मामले की छानबीन चल रही है। यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि इसके पहले इन लोगों ने कहा-कहां ऐसे कार्यक्रम कराए। आरोपियों की इस कवायद में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पहले भी हुई है धर्मांतरण की कोशिश
आजमगढ़ जिले में धर्मांतरण की कोशिश का यह पहला मामला नहीं है। हालांकि कार्रवाई के बाद भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। कभी झाड़फूंक तो कभी विशेष प्रार्थना सभा के नाम पर जिले में धर्मांतरण की कोशिश की जाती रही है। कुछ माह पूर्व रौनापार थाना के बातन गांव में झाड़फूंक के नाम पर धर्म परिवर्तन की कोशिश में पुलिस ने पादरी समेत 8 को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 23 धार्मिक पुस्तकें बरामद हुई थी।
गिरफ्तार आरोपी जौनपुर के मड़ियाहु थाना क्षेत्र में नवाबाद गांव का रहने वाला पन्नालाल था। नवंबर 2022 में सरायमीर थाने के चककोट (चकहवेली) कस्बा सरायमीर निवासी जितेन्द्र राम के घर में लोगो को बरगला कर धर्मांतरण की कोशिश की जा रही थी। केरल का रहने वाला बीनू रघुनाथ अपने सहयोगियों साथ लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवा रहा था। यहां से 9 लोगों की गिफ्तारी हुई।