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दस फीट से कम चौड़ी सड़क वाले विद्यालय नहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र
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आजमगढ़। यूपी बोर्ड ने 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा 2021 के लिए केंद्र बनाने के अपने नियम और सख्त कर दिए हैं। कोरोना काल में परीक्षा केंद्रों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा जिन स्कूलों की पहुंच मुख्य सड़कों तक नहीं हैं या फिर जो 10 फीट चौड़ी नहीं हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
इस साल पहली बार सुगम मार्ग को परिभाषित करते हुए न्यूनतम 10 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य किया गया है। हालांकि राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस शर्त से छूट दी गई है। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति 25 नवंबर को ही जारी की गई थी और इससे संबंधित स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों की वेरिफिकेशन शुरू कर दी गई है। इसके अलावा परीक्षा के लिए उन स्कूलों को भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा जिनके प्रवेश द्वार, शिक्षण और प्रशासनिक कक्ष के ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। स्कूल में स्थायी विद्युत व्यवस्था और जेनरेटर होना अनिवार्य है। जिन स्कूलों के शिक्षण कक्ष की खिड़कियां सार्वजनिक आवागमन के लिए मुख्य सड़क या पतली गली में खुलती हों उन्हें असुरक्षित पर्यवेक्षण की दृष्टि से केंद्र निर्धारित न किया जाए। इस शर्त से भी राजकीय व एडेड कॉलेजों को छूट दी गई है।
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बोर्ड का निर्देश है कि परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए 10 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य किया गया है। यदि मानक के विपरीत पाया गया तो केंद्र का निर्धारण नहीं किया जाएगा। कोविड-19 के चलते इस बार पहले से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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डा. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।
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इस साल पहली बार सुगम मार्ग को परिभाषित करते हुए न्यूनतम 10 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य किया गया है। हालांकि राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस शर्त से छूट दी गई है। परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति 25 नवंबर को ही जारी की गई थी और इससे संबंधित स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों की वेरिफिकेशन शुरू कर दी गई है। इसके अलावा परीक्षा के लिए उन स्कूलों को भी केंद्र नहीं बनाया जाएगा जिनके प्रवेश द्वार, शिक्षण और प्रशासनिक कक्ष के ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। स्कूल में स्थायी विद्युत व्यवस्था और जेनरेटर होना अनिवार्य है। जिन स्कूलों के शिक्षण कक्ष की खिड़कियां सार्वजनिक आवागमन के लिए मुख्य सड़क या पतली गली में खुलती हों उन्हें असुरक्षित पर्यवेक्षण की दृष्टि से केंद्र निर्धारित न किया जाए। इस शर्त से भी राजकीय व एडेड कॉलेजों को छूट दी गई है।
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बोर्ड का निर्देश है कि परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए 10 फीट चौड़ा रास्ता होना अनिवार्य किया गया है। यदि मानक के विपरीत पाया गया तो केंद्र का निर्धारण नहीं किया जाएगा। कोविड-19 के चलते इस बार पहले से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
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डा. वीके शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, आजमगढ़।