{"_id":"6ad3becc0c5219edf9034fca","slug":"rs-10-lakh-fine-imposed-on-a-firm-blacklisted-by-the-jal-nigam-azamgarh-news-c-258-1-svns1005-159052-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: जल निगम की ब्लैकलिस्टेड फर्म पर 10 लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: जल निगम की ब्लैकलिस्टेड फर्म पर 10 लाख का जुर्माना
विज्ञापन
शहर के हरबंशपुर वार्ड को 24 घंटे पानी देने के कार्य की धीमी प्रगति पर जल निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। काम करने वाली कार्यदायी संस्था पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आगामी 31 दिसंबर तक काम पूरा करने का निर्देश है।
शहर के हरबंशपुर वार्ड को 24 घंटे पानी देने की योजना में शामिल किया गया है। इसमें 7.51 करोड़ की लागत से वार्ड में 21.31 किमी पाइपलाइन बिछाकर 776 नए नल कनेक्शन दिए जाने हैं। इसके बाद हर नल कनेक्शन पर वाटर मीटर भी लगाया जाना है।
इसमें विश्वकर्मा मंदिर तिराहे के पास बनी पानी की टंकी को काम में लिया जाना है। कार्य कराने की जिम्मेदारी प्रयागराज की सीके इंटरप्राइजेज की है। स्वीकृति मिलने के बाद नवंबर 2025 में काम पूरा किया जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण काम समय से शुरू न होने के कारण पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
बीच में कई बार काम बंद हो गया। अधिशासी अभियंता नगरीय जियाउल हक ने बताया कि इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने बीते मई माह से फर्म को ब्लैकलिस्टेड कर दिया।
कार्यदायी संस्था को आगामी 31 दिसंबर तक काम पूरा करने का समय दिया गया है, लेकिन अब तक योजना का 50 प्रतिशत काम हो सका है, जिसमें ट्यूबवेल का निर्माण और 10 किमी पाइपलाइन बिछाकर 150 नल कनेक्शन देना शामिल है। मई से अब तक तीन बार कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किए गए, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ।
00 वर्जन
काम कराने वाली फर्म को शासन ने मई माह में ही ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। उसे 31 दिसंबर तक काम पूरा करना है। कार्य की धीमी प्रगति के कारण कार्यदायी संस्था पर 10 लाख का जुर्माना लगाया गया है। -जियाउल हक, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
विज्ञापन
शहर के हरबंशपुर वार्ड को 24 घंटे पानी देने की योजना में शामिल किया गया है। इसमें 7.51 करोड़ की लागत से वार्ड में 21.31 किमी पाइपलाइन बिछाकर 776 नए नल कनेक्शन दिए जाने हैं। इसके बाद हर नल कनेक्शन पर वाटर मीटर भी लगाया जाना है।
विज्ञापन
इसमें विश्वकर्मा मंदिर तिराहे के पास बनी पानी की टंकी को काम में लिया जाना है। कार्य कराने की जिम्मेदारी प्रयागराज की सीके इंटरप्राइजेज की है। स्वीकृति मिलने के बाद नवंबर 2025 में काम पूरा किया जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण काम समय से शुरू न होने के कारण पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन
बीच में कई बार काम बंद हो गया। अधिशासी अभियंता नगरीय जियाउल हक ने बताया कि इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने बीते मई माह से फर्म को ब्लैकलिस्टेड कर दिया।
कार्यदायी संस्था को आगामी 31 दिसंबर तक काम पूरा करने का समय दिया गया है, लेकिन अब तक योजना का 50 प्रतिशत काम हो सका है, जिसमें ट्यूबवेल का निर्माण और 10 किमी पाइपलाइन बिछाकर 150 नल कनेक्शन देना शामिल है। मई से अब तक तीन बार कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किए गए, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ।
00 वर्जन
काम कराने वाली फर्म को शासन ने मई माह में ही ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। उसे 31 दिसंबर तक काम पूरा करना है। कार्य की धीमी प्रगति के कारण कार्यदायी संस्था पर 10 लाख का जुर्माना लगाया गया है। -जियाउल हक, अधिशासी अभियंता, जल निगम।