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Azamgarh News: नदियों का जलस्तर घटा, तटवर्ती गांवों में कटान जारी
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नाव से आते - जाते लोग। संवाद
जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली सरयू के जलस्तर में कमी का दौर जारी है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है, जिससे तटवर्ती गांवों में चिंता का माहौल है।
बदरहुआ नाले का जलस्तर सोमवार शाम 71.54 मीटर से घटकर मंगलवार को 71.42 मीटर हो गया, जबकि डिघिया नाले का जलस्तर 71.88 मीटर से घटकर 70.75 मीटर हो गया।
डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। वहीं बदरहुआ नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है।
नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर घटकर खतरा बिंदु के नीचे आ गया है, लेकिन डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर है। घाघरा नदी के जलस्तर में पिछले दो-तीन दिनों से गिरावट के बावजूद तटवर्ती गांवों में कटाव की समस्या बनी हुई है।
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सहबदिया, बरामदपुर और देवारा खास राजा गांवों के सामने नदी में कटाव शुरू हो गया है। इसके अलावा एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग अभी भी जलमग्न हैं। इसके कारण बेलहिया ढाला और मनिकाडीह के पास नावों का संचालन किया जा रहा है। अजगरा और अजगरा मगरवी गांवों के ग्रामीण बेलहिया ढाले पर कुटी पुलिया और अन्य समस्याओं को लेकर पंचायत कर रहे हैं।
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बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अव्यवस्था
प्रशासन की ओर से महुला गढ़वल बांध पर चार बाढ़ चौकियां महुला, गांगेपुर, हाजीपुर और जमुवारी बनाई गई हैं। हालांकि, मंगलवार को इन चौकियों पर कर्मचारियों की मौजूदगी नहीं थी। बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य और पशु विभाग के कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण दवाओं और मरीजों के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही है।
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बाढ़ चौकी महुला: यहां न तो बोर्ड था और न ही कर्मचारी उपस्थित थे।
बाढ़ चौकी गांगेपुर: यहां लेखपाल नितिन सिंह, सफाई कर्मी गुड्डू, नवीन चंद और पुलिस कर्मी नारायण मौर्य उपस्थित थे, लेकिन विकास विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था।
बाढ़ चौकी हाजीपुर: बाढ़ चौकी प्रभारी देवकीनंदन का मोबाइल नंबर बोर्ड पर लिखा था। संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि नंबर गलत है और उनकी ड्यूटी सहदेवगंज में लगी है। यहां भी कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था।
बाढ़ चौकी जमुवारी: बोर्ड लटका हुआ था, लेकिन मंडई में कोई नहीं था। बाढ़ चौकी प्रभारी रामसुंदर यादव ने बताया कि लेखपाल कहीं गए होंगे। फार्मर रजिस्ट्री के लिए लेखपाल दिनेश पटेल ने बताया कि नैनीजोर में काम चल रहा है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी नवनीत मौर्य ने ब्लॉक में बैठक का हवाला दिया।
-- -वर्जन
बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति गलत है और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ चौकियों पर ग्राम पंचायत, पुलिस, पशु, राजस्व और स्वास्थ्य विभागों के कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य है। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी
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बदरहुआ नाले का जलस्तर सोमवार शाम 71.54 मीटर से घटकर मंगलवार को 71.42 मीटर हो गया, जबकि डिघिया नाले का जलस्तर 71.88 मीटर से घटकर 70.75 मीटर हो गया।
डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर है। वहीं बदरहुआ नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है।
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नदी का जलस्तर बदरहुआ नाले पर घटकर खतरा बिंदु के नीचे आ गया है, लेकिन डिघिया नाले पर अभी भी खतरा बिंदु से ऊपर है। घाघरा नदी के जलस्तर में पिछले दो-तीन दिनों से गिरावट के बावजूद तटवर्ती गांवों में कटाव की समस्या बनी हुई है।
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सहबदिया, बरामदपुर और देवारा खास राजा गांवों के सामने नदी में कटाव शुरू हो गया है। इसके अलावा एक दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग अभी भी जलमग्न हैं। इसके कारण बेलहिया ढाला और मनिकाडीह के पास नावों का संचालन किया जा रहा है। अजगरा और अजगरा मगरवी गांवों के ग्रामीण बेलहिया ढाले पर कुटी पुलिया और अन्य समस्याओं को लेकर पंचायत कर रहे हैं।
बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति और अव्यवस्था
प्रशासन की ओर से महुला गढ़वल बांध पर चार बाढ़ चौकियां महुला, गांगेपुर, हाजीपुर और जमुवारी बनाई गई हैं। हालांकि, मंगलवार को इन चौकियों पर कर्मचारियों की मौजूदगी नहीं थी। बाढ़ चौकियों पर स्वास्थ्य और पशु विभाग के कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण दवाओं और मरीजों के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही है।
बाढ़ चौकी महुला: यहां न तो बोर्ड था और न ही कर्मचारी उपस्थित थे।
बाढ़ चौकी गांगेपुर: यहां लेखपाल नितिन सिंह, सफाई कर्मी गुड्डू, नवीन चंद और पुलिस कर्मी नारायण मौर्य उपस्थित थे, लेकिन विकास विभाग का कोई कर्मचारी नहीं था।
बाढ़ चौकी हाजीपुर: बाढ़ चौकी प्रभारी देवकीनंदन का मोबाइल नंबर बोर्ड पर लिखा था। संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि नंबर गलत है और उनकी ड्यूटी सहदेवगंज में लगी है। यहां भी कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं था।
बाढ़ चौकी जमुवारी: बोर्ड लटका हुआ था, लेकिन मंडई में कोई नहीं था। बाढ़ चौकी प्रभारी रामसुंदर यादव ने बताया कि लेखपाल कहीं गए होंगे। फार्मर रजिस्ट्री के लिए लेखपाल दिनेश पटेल ने बताया कि नैनीजोर में काम चल रहा है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारी नवनीत मौर्य ने ब्लॉक में बैठक का हवाला दिया।
बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की अनुपस्थिति गलत है और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ चौकियों पर ग्राम पंचायत, पुलिस, पशु, राजस्व और स्वास्थ्य विभागों के कर्मचारियों की तैनाती अनिवार्य है। -संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी