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Azamgarh News: मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में प्रदर्शन
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मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में ज्ञापन सौंपते। संवाद
- फोटो : संवाद
मेंहनगर। मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने धरना-प्रदर्शन किया। यूनियन ने मनरेगा को उसके पुराने स्वरूप में ही जारी रखने की मांग की है।
कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी राजनरायन, रामभुवाल, सुबेदार, उमेश चौधरी, बासुदेव, भास्कर, सतई, महेंद्र, दयाराम, राम हरख आदि ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है।
इसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। कहा कि इससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों में कटौती होगी और रोजगार के अवसर घटेंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में मजदूरों को औसतन केवल 50 दिन रोजगार मिल पा रहा है, जबकि संगठन लंबे समय से 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग करता रहा है। उनका कहना है कि प्रस्तावित नई व्यवस्था में 125 दिन रोजगार देने की बात कही जा रही है, लेकिन कृषि कार्यों के दौरान करीब 60 दिन रोजगार नहीं मिलने के प्रावधान से वास्तविक रोजगार और कम हो जाएगा। संवाद
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कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी राजनरायन, रामभुवाल, सुबेदार, उमेश चौधरी, बासुदेव, भास्कर, सतई, महेंद्र, दयाराम, राम हरख आदि ने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है।
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इसमें केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में बजट व्यवस्था प्रस्तावित है। कहा कि इससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों में कटौती होगी और रोजगार के अवसर घटेंगे। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में मजदूरों को औसतन केवल 50 दिन रोजगार मिल पा रहा है, जबकि संगठन लंबे समय से 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी की मांग करता रहा है। उनका कहना है कि प्रस्तावित नई व्यवस्था में 125 दिन रोजगार देने की बात कही जा रही है, लेकिन कृषि कार्यों के दौरान करीब 60 दिन रोजगार नहीं मिलने के प्रावधान से वास्तविक रोजगार और कम हो जाएगा। संवाद
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