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Azamgarh News: निजी कंपनियों की 1168 एमटी डीएपी, फिर भी किल्लत

Mon, 02 Dec 2024 12:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2024 12:05 AM IST
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Private companies have 1168 MT DAP, still there is shortage
आजमगढ़। समितियों पर इफको की डीएपी का टोटा होने से शासन ने 50 प्रतिशत निजी कंपनियों की डीएपी को समितियों से बांटने का निर्देश दिया है। इसके तहत जिले को 1168 एमटी डीएपी मिल चुकी है। इसके बाद भी समितियों पर डीएपी की किल्लत बनी हुई है। डीएपी न मिलने और गेहूं की बोआई पिछड़ने से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग जिले में 2.36 लाख हेक्टेअर में गेहूं बोआई का लक्ष्य रखा है। वहीं, किसानों को बोआई के दौरान समितियों से सहकारिता विभाग उर्वरक उपलब्ध कराता है। वर्तमान में जिले में 205 समितियां सक्रिय हैं। यहां से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। समितियों के माध्यम से 4000 एमटी से अधिक डीएपी वितरित होने के बाद भी डीएपी की समस्या बनी हुई है। विभाग के पास सरकारी डीएपी नहीं है। आईपीएल, एनएफएल, पीपीएल कंपनी की 1168 एमटी डीएपी मिल चुकी है, इसके बाद भी समितियों पर डीएपी का टोटा है। शनिवार को मेंहनगर क्षेत्र की 18 में से दो समिति पर ही डीएपी पहुंच पाई थी, लेकिन वहां भी सभी किसानों को डीएपी नहीं मिल पाई। सठियांव, जहानागंज, रानी की सराय, कोयलसा, फूलपुर पवई, लालगंज आदि ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाली समितियों का भी यही हाल है।
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पीक समय में खाद- बीज नदारद

तहसील के साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं है। किसान भटक रहे हैं। अजमतगढ़ ब्लॉक में भंदाव, जीयनपुर,सराय सागर मालटारी, अजमतगढ, मुहम्मदपुर, दाऊदपुर, नरहन, पारनकुंडा, भुवना, अमुवारी, हरसिंहपुर, कांखभार आदि समितियां है। खाद न रहने से समितियों पर ताला लटक रहा है। वहीं, कृषि रक्षा इकाई अजमतगढ़ में गेहूं का बीज नदारद है। किसान राम दरस सिंह, हरिनाथ, मुकेश राय, अखिलेश यादव, अरविंद कुमार, श्रीप्रकाश मौर्य आदि ने कहा कि हर बार पीक समय में खाद और बीज नहीं मिलता है। कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी राजेश खरवार ने बताया बीज के लिए डिमांड भेजी गई है। मांग की जा रही है। इसके बाद भी बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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निजी कंपनियों की जो डीएपी मिल रही है उसे डिमांड के अनुसार समितियों पर भेजा जा रहा है, ताकि समस्या न हो। फिर डीएपी की डिमांड मांगी गई है। हमने एक रैक डीएपी की डिमांड भेजा है। दो- तीन दिन में डीएपी आने की उम्मीद है।
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अजय कुमार, एआर सहकारिता।
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