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बिना जमीन देखे ही स्वीकृत कर दिया प्रधानमंत्री आवास

Tue, 07 Jun 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 11:33 PM IST
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Prime Minister's residence was approved without seeing the land
आजमगढ़। नगर के सिधारी क्षेत्र स्थित बबुआन मुहल्ले में एक व्यक्ति द्वारा आधे रास्ते तक मकान का निर्माण कराया जा रहा है। जिसे लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक शिकायत की गई है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय लेखपाल की मानें तो उक्त व्यक्ति के नाम से जमीन भी नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उसके नाम से जमीन ही नहीं है तो प्रधानमंत्री आवास किस प्रकार स्वीकृत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 तक हर गरीब के सिर पर छत होने का सपना देखा है। जिसे पूरा करने के लिए पीएम व सीएम आवास का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन उनके इस सपने को पूरा करने वाले जिम्मेदार अधिकारी ही उनके इस सपने का पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। एक ऐसा ही मामला सिधारी क्षेत्र के बबुआन में देखने को मिल रहा है। जहां एक व्यक्ति के नाम से जमीन न होने के बाद भी डूडा कार्यालय द्वारा उसके नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिया गया। अब उक्त व्यक्ति द्वारा मुहल्ले में मुख्य मार्ग पर ही आधा घेरकर पीएम आवास का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके कारण मुहल्ले के लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जिसे लेकर मुहल्ले के डा. अर्सलान ने इसकी शिकायत जिले से लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक कर डाली लेकिन अभी तक उक्त निर्माण को रोकने की कोई पहल नहीं की गई है। वहीं जिम्मेदार इस मामले को एक दूसरे पर थोपने में जुटे हुए हैं।
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इस मामले में पीओ अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के लिए हमारे कार्यालय में आवेदन आया था। आवेदन के साथ लेखपाल की रिपोर्ट भी लगी थी जिसमें उक्त जमीन उसकी दर्शाया गया था। जिसके आधार पर हमने उसे पात्र पाते हुए पीएम आवास स्वीकृत कर दिया। अगर वह गलत होता है तो उससे प्रधानमंत्री आवास की धनराशि वसूल की जाएगी। वहीं क्षेत्रीय लेखपाल ने बताया कि यह जमीन उस व्यक्ति के नाम पर नहीं है। हमने अपनी ओर से कोई रिपोर्ट नहीं लगाई है। अब यह रिपोर्ट कैसे लगी हमें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं। हमने तो उसे काम रोकने के लिए भी कहा था। अब डूडा जाने कि उसने किस प्रकार उसका आवास स्वीकृत किया।
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