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पर्यावरण के लिए हानिकारक है पॉलिथीन: दिवाकर
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पॉलीथिन का इस्तेमाल नहीं करने को लेकर मंगलवार को जागरूकता रैली निकाली गई। रैली कोयलसा बाजार से रानीपुर, बूढ़नपुर होते हुए गौतम बुद्ध प्रतिमा के पास परिसर में समाप्त हुई। यहां हुई गोष्ठी में समाजसेवी दिवाकर ने कहा कि पॉलीथिन पर्यावरण के लिए हानिकारक है।
कहा कि पॉलीथिन न केवल पर्यावरण बल्कि जानवरों को भी नुकसान पहुंचा रही है। आज प्लास्टिक थैलियों व कैरी बैग का प्रयोग इतनी अधिक मात्रा में हो रहा है कि सारे विश्व में एक साल में दस खरब प्लास्टिक थैलियां काम में लेकर फेंक दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण विज्ञानियों ने प्लास्टिक के बीस माइक्रोन या इससे पतले उत्पाद को पर्यावरण के लिए बहुत घातक बताया है। मिट्टी में दबने से ये फसलों के लिए उपयोगी कीटाणुओं को मार देती हैं। इनमें पॉली विनाइल क्लोराइड होता है जो भूमि में दबे रहने से भूजल को जहरीला बना देता है। नौमी मौर्य ने कहा कि बरसात में प्लास्टिक के कचरे से दुर्गंध आती है। हवा में प्रदूषण फैलने से अनेक असाध्य रोग हो जाते हैं। कहा कि सामान लाने बाजार लाने के लिए कपड़े के थैले का इस्तेमाल करें। इस मौके पर बृजेश मौर्य, आशुतोष यादव, महेश, रितेश, अल्का अस्थाना, शुभम, सुरेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, श्रवण, मोअजम अली रहे।
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कहा कि पॉलीथिन न केवल पर्यावरण बल्कि जानवरों को भी नुकसान पहुंचा रही है। आज प्लास्टिक थैलियों व कैरी बैग का प्रयोग इतनी अधिक मात्रा में हो रहा है कि सारे विश्व में एक साल में दस खरब प्लास्टिक थैलियां काम में लेकर फेंक दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण विज्ञानियों ने प्लास्टिक के बीस माइक्रोन या इससे पतले उत्पाद को पर्यावरण के लिए बहुत घातक बताया है। मिट्टी में दबने से ये फसलों के लिए उपयोगी कीटाणुओं को मार देती हैं। इनमें पॉली विनाइल क्लोराइड होता है जो भूमि में दबे रहने से भूजल को जहरीला बना देता है। नौमी मौर्य ने कहा कि बरसात में प्लास्टिक के कचरे से दुर्गंध आती है। हवा में प्रदूषण फैलने से अनेक असाध्य रोग हो जाते हैं। कहा कि सामान लाने बाजार लाने के लिए कपड़े के थैले का इस्तेमाल करें। इस मौके पर बृजेश मौर्य, आशुतोष यादव, महेश, रितेश, अल्का अस्थाना, शुभम, सुरेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, श्रवण, मोअजम अली रहे।
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