फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Paddy crop starts producing panicles right after transplantation; farmers feel cheated.

Azamgarh News: रोपाई के बाद ही धान की फसल में बनने लगीं बालियां, ठगा महसूस कर रहे किसान

Fri, 14 Aug 2026 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
Paddy crop starts producing panicles right after transplantation; farmers feel cheated.
डाही गांव में धान की फसल से फूटी बालियां। संवाद
कृषि रक्षा इकाई से धान का बीज लेकर रोपाई करने वाले किसान अब अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। रोपाई के कुछ दिन बाद ही पौधों में बालियां निकलने लगी हैं।
विज्ञापन

किसानों की शिकायत के बाद कृषि विज्ञान केंद्र लेदौरा के कृषि वैज्ञानिक महेंद्र गौतम खेत में पहुंचकर जांच की। जांच के बाद उन्होंने बीज में ही कमी बताई।
ब्लॉक के डाही निवासी किसान हरेंद्र सिंह और बनरपुरा के किसान चेतू निषाद ने कृषि रक्षा इकाई से सीओ-51 प्रजाति का धान का बीज खरीदकर नर्सरी लगाया। इसके बाद खेत तैयार कर धान की रोपाई की।
किसान हरेंद्र सिंह ने बताया कि जुलाई में धान की रोपाई की, लेकिन पौधे का विकास नहीं हुआ और पूरे खेत में असमय बालियां निकलने लगी हैं। लगभग साढ़े चार बीघा इस प्रजाति का धान लगाया गया है। ब्लॉक से अच्छी पैदावार होने की बात कहकर बीज दिया गया था।
विज्ञापन

चेतू भी एक बीघा धान की रोपाई किए थे। किसानों ने बताया कि रोपाई के कुछ ही दिनों बाद कल्ले नहीं बने और सभी पौधों में दो-दो, तीन-तीन दाने की बालियां निकल गई हैं। इससे मेहनत और लागत पर पानी फिर गया है। किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। प्रमाणित बताकर बीज देने वाले विभाग के प्रति किसानों में रोष है।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
फोटो संख्या- 31
बीज खरीदने के लिए जब कृषि रक्षा इकाई पर गया तो वहां के प्रभारी ने सीओ-51 को अच्छी प्रजाति का बीज बताकर दिया था। लेकिन रोपाई के कुछ दिन बाद ही इसमें बालियां आने लगीं। इस सीजन की पूरी लागत ही डूब गई। -किसान, हरेंद्र सिंह
00
फोटो संख्या- 32
कृषि विभाग किसानों को प्रमाणित बीज देने का दावा करता है, अब जो किसान इस प्रजाति का बीज ले गए, उनकी मेहनत पर तो पानी फिर गया। किसानों के नुकसान की भरपाई विभाग को करनी चाहिए। -किसान झिनकू सिंह
00
शिकायत के बाद मैं गांव में गया था। बीज में ही कमी थी, तभी ऐसा हुआ है। अब धान का न तो विकास होगा और न ही कल्ले ही निकलेंगे। कोयलसा और अतरौलिया ब्लॉक से भी इस तरह की शिकायत आ चुकी है। -महेंद्र गौतम, कृषि वैज्ञानिक।

00
यह मामला हमारे संज्ञान में है। सीओ-51 अच्छी प्रजाति है, बालियां निकलने से कोई समस्या नहीं है। यह एक हफ्ते के बाद पूरी तरह से कल्ले निकालकर कवर कर लेगा। -सदानंद चौधरी, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed