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न राहत मिली, न बाढ़ िशविर बने
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Wed, 31 Aug 2016 11:47 PM IST
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बाढ़
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल में बढ़ा घाघरा का जलस्तर एक महीने से अधिक समय तक खतरा बिंदू से ऊपर रहने के बाद घट चुका है। नदी अब तक पांच घरों को लील चुकी है। लेकिन प्रशासन ने अभी तक कटान पीड़ितों के लिए राहत शिविर नहीं बनाए। जिसके कारण लोग अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं बाढ़ का पानी हटने के बाद भी बाढ़ के पानी से घिरे परसिया गांव स्थित प्राइमरी स्कूल का पानी अभी तक हट नहीं सका है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन द्वारा राहत शिविर न बनाने से कटान पीड़ितों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने महुला गढ़वल बांध के दक्षिण स्थित विद्यालयों को शरण स्थली बनाया लेकिन विद्यालय का संचालन होने के कारण कटान पीड़ित उन विद्यालयों में जाने से कतरा रहे हैं। मजबूरी में उन्हें अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ रही है। क्षेत्र के परसिया स्थित प्राइमरी विद्यालय लगभग दो माह से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है।
बाढ़ का पानी तो हट गया लेकिन विद्यालय के चारों ओर लगा पानी हटा है। जिसकी वजह से विद्यालय के बच्चे गांव में पेड़ के नीचे पढ़ने को विवश हैं। घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी का क्रम निरंतर जारी है जिसकी वजह से कटान तेज हो गई है। क्षेत्र के महुला, मुराली का पुरवा और अचल नगर में तेजी से कटान हो रही है।
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कटान होने के बाद भी मुराली का पुरवा के लोग अपना सामान घरों से हटाने के बाद भी वहीं जमे हुए हैं। नदी अब तक महुला और छितौनी में 160 बीघा, मुराली का पुरवा में 270 बीघा और अचल नगर में 125 बीघा जमीन काट चुकी है। महुला छितौनी में 25 लोग श्यामाचरन, संजय, दिल्लू मद्वेशिया, संजय, पारस, परमात्मा आदि की जमीन तेजी से काट रही है। मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 70.44 मीटर और डिघिया नाले पर 69.10 मीटर था जो बुधवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर 70.39 मीटर और डिघिया नाले पर 69.07 मीटर पर आ गया।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में प्रशासन द्वारा राहत शिविर न बनाने से कटान पीड़ितों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने महुला गढ़वल बांध के दक्षिण स्थित विद्यालयों को शरण स्थली बनाया लेकिन विद्यालय का संचालन होने के कारण कटान पीड़ित उन विद्यालयों में जाने से कतरा रहे हैं। मजबूरी में उन्हें अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ रही है। क्षेत्र के परसिया स्थित प्राइमरी विद्यालय लगभग दो माह से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है।
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बाढ़ का पानी तो हट गया लेकिन विद्यालय के चारों ओर लगा पानी हटा है। जिसकी वजह से विद्यालय के बच्चे गांव में पेड़ के नीचे पढ़ने को विवश हैं। घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी का क्रम निरंतर जारी है जिसकी वजह से कटान तेज हो गई है। क्षेत्र के महुला, मुराली का पुरवा और अचल नगर में तेजी से कटान हो रही है।
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कटान होने के बाद भी मुराली का पुरवा के लोग अपना सामान घरों से हटाने के बाद भी वहीं जमे हुए हैं। नदी अब तक महुला और छितौनी में 160 बीघा, मुराली का पुरवा में 270 बीघा और अचल नगर में 125 बीघा जमीन काट चुकी है। महुला छितौनी में 25 लोग श्यामाचरन, संजय, दिल्लू मद्वेशिया, संजय, पारस, परमात्मा आदि की जमीन तेजी से काट रही है। मंगलवार की शाम नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 70.44 मीटर और डिघिया नाले पर 69.10 मीटर था जो बुधवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर 70.39 मीटर और डिघिया नाले पर 69.07 मीटर पर आ गया।