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अब किसी की गुलामी नहीं, अपना नेता खुद बनना होगा : ओवैसी
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अमौड़ा में कार्यक्रम को संबोधित करते ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक
रानी की सराय (आजमगढ़)। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आजमगढ़ के अमौड़ा में आयोजित जनसभा में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपने प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। उन्होंने कहा कि अब किसी की गुलामी नहीं करनी है, बल्कि अपना नेता खुद बनना होगा। उन्हें व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए, बल्कि वह लोगों को उनका हक और अधिकार दिलाना चाहते हैं।
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मुसलमानों का इस्तेमाल सत्ता तक पहुंचने के लिए किया, लेकिन उन्हें बराबरी का अधिकार नहीं दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जवानी माता-पिता के नाम कुर्बान करें, न कि किसी राजनीतिक नेता के नाम। ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच चुनावी चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को एक-दूसरे को चुनौती देने के बजाय इन सीटों पर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। इससे जनता के समर्थन का पता चल जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों और युवाओं को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने उन विपक्षी दलों को भी निशाने पर लिया, जो प्रदर्शन में उनके शामिल नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि वर्ष 2024 में चुनाव आयोग से संबंधित नए कानून के खिलाफ उन्होंने सबसे पहले आवाज उठाई थी। उस समय विपक्ष के अन्य सांसदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि अब लोगों को समझ में आ रहा है कि वह उस समय इस कानून का विरोध क्यों कर रहे थे।
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मोदी और योगी सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने प्रदेश में एनकाउंटर और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एनकाउंटरों की योजना का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रख देना चाहिए और चुनाव आयोग का नाम बदलकर ''''''''प्रधानमंत्री चुनाव जितवाओ कार्यालय'''''''' कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के घरों, दुकानों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही उद्योगपतियों के साथ सरकार के संबंधों और प्रधानमंत्री की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
00 शिब्ली नेशनल कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने का मुद्दा उठाया
आजमगढ़ के शिब्ली नेशनल कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिलने पर ओवैसी ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने शिब्ली अकादमी को मात्र पांच लाख रुपये दिए जाने का उल्लेख करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को शिक्षा और अधिकारों के मामले में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए।
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एयरपोर्ट बंद होने और सड़कों की बदहाली पर सवाल ओवैसी ने आजमगढ़ के विकास को लेकर भी सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जिले का एयरपोर्ट आठ महीने बाद ही बंद हो गया। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के निर्माण पर 900 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि इससे संबद्ध कॉलेजों में छात्राओं को मुफ्त शिक्षा क्यों नहीं मिल रही है और उन्हें भारी फीस क्यों देनी पड़ रही है।
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ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने मुसलमानों का इस्तेमाल सत्ता तक पहुंचने के लिए किया, लेकिन उन्हें बराबरी का अधिकार नहीं दिया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जवानी माता-पिता के नाम कुर्बान करें, न कि किसी राजनीतिक नेता के नाम। ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच चुनावी चुनौती पर तंज कसते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल और अखिलेश यादव को गोरखपुर से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को एक-दूसरे को चुनौती देने के बजाय इन सीटों पर चुनाव मैदान में उतरना चाहिए। इससे जनता के समर्थन का पता चल जाएगा।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ओवैसी ने सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों और युवाओं को हिरासत में लिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने उन विपक्षी दलों को भी निशाने पर लिया, जो प्रदर्शन में उनके शामिल नहीं होने पर सवाल उठा रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि वर्ष 2024 में चुनाव आयोग से संबंधित नए कानून के खिलाफ उन्होंने सबसे पहले आवाज उठाई थी। उस समय विपक्ष के अन्य सांसदों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाया। उन्होंने दावा किया कि अब लोगों को समझ में आ रहा है कि वह उस समय इस कानून का विरोध क्यों कर रहे थे।
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मोदी और योगी सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने प्रदेश में एनकाउंटर और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एनकाउंटरों की योजना का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रख देना चाहिए और चुनाव आयोग का नाम बदलकर ''''''''प्रधानमंत्री चुनाव जितवाओ कार्यालय'''''''' कर देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के घरों, दुकानों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई है। साथ ही उद्योगपतियों के साथ सरकार के संबंधों और प्रधानमंत्री की नीतियों पर भी सवाल उठाए।
00 शिब्ली नेशनल कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने का मुद्दा उठाया
आजमगढ़ के शिब्ली नेशनल कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा नहीं मिलने पर ओवैसी ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में जरूरी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने शिब्ली अकादमी को मात्र पांच लाख रुपये दिए जाने का उल्लेख करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को शिक्षा और अधिकारों के मामले में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं दिए गए।
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एयरपोर्ट बंद होने और सड़कों की बदहाली पर सवाल ओवैसी ने आजमगढ़ के विकास को लेकर भी सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जिले का एयरपोर्ट आठ महीने बाद ही बंद हो गया। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के निर्माण पर 900 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि इससे संबद्ध कॉलेजों में छात्राओं को मुफ्त शिक्षा क्यों नहीं मिल रही है और उन्हें भारी फीस क्यों देनी पड़ रही है।