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भवन तैयार पर न तो शिक्षक हैं न ही छात्राएं

Wed, 01 Apr 2015 12:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Wed, 01 Apr 2015 12:12 AM IST
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Neither the teachers nor the students but building ready
बसपा शासनकाल में मेहनगर क्षेत्र के गौरा में राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कालेज प्रस्तावित हुआ। बसपा शासनकाल में ही इसके निर्माण के लिए 922.82 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। कार्यदायी संस्था द्वारा भवन का निर्माण पूराकर समाज कल्याण विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया।
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शासन द्वारा 2014 में विद्यालय को मान्यता भी प्रदान कर दी गई लेकिन अभी तक न तो विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई और ना ही किसी छात्रा का एडमिशन हुआ है। ऐसे में किस प्रकार इस विद्यालय का संचालन होगा, यह समझ से परे है।
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वर्ष 2008 में शासन द्वारा 922.82 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन को सौंपी गई। कार्यदायी संस्था ने वर्ष 2012 में विद्यालय भवन के निर्माण को पूराकर समाज कल्याण विभाग को हैंडओवर कर दिया।
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इसके बाद से यह भवन उसी तरह से खाली पड़ा हैं। एक चौकीदार को इसकी देखरेख के लिए नियुक्त किया गया है लेकिन वह भी कभी रहता है और कभी नहीं। देखरेख न होने के कारण विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। स्थानीय लोग यहां पर अपने पशुओं को चराते हैं।

विद्यालय भवन अराजकतत्वों का अड्डा बन गया है। निदेशालय समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा 15 सितंबर 2014 को उक्त विद्यालय को इंटरमीडिएट तक की मान्यता प्रदान कर दी गई है। मान्यता तो मिल गई लेकिन विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य कैसे होगा, यह बताने वाला कोई नहीं है क्योंकि अभी तक न तो विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और छात्राओं का ही कोई पता है। ऐसे में यह विद्यालय कैसे संचालित होगा यह कोई नहीं जानता।

सफाई के लिए मिला है पत्र ः यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन के असिस्टेंट इंजीनियर एलडी यादव ने बताया कि हमने विद्यालय के भवन का निर्माण कराकर तीन वर्ष पूर्व ही समाज कल्याण विभाग को हैंडओवर कर दिया। उनके कहने पर हमने वहां पर भवन की सुरक्षा के लिए एक चौकीदार को भी नियुक्त कर रखा है। इसका पैसा हम लोग अन्य मदों से वहन करतेहैं। अभी सोमवार को ही समाज कल्याण विभाग से हमें विद्यालय भवन और परिसर की सफाई के लिए पत्र मिला हैं।


विद्यालय को मान्यता देने का पत्र हमें प्राप्त हो चुका है लेकिन इसे संचालित किस प्रकार किया जाएगा, इस संबंध में हमें कोई भी निर्देश नहीं मिला है।  - प्रमोद कुमार सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
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