बड़ौदा यूपी बैंक कमियों के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। सिधारी स्थित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना दिया। जिले की सभी शाखाओं में बंदी के कारण लगभग एक अरब का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस दौरान बैंक में कर्मचारी, अधिकारियो की भर्ती, प्रवर्तक बैंक की समस्त सुविधाएं, प्रोन्नति नीति में समानता की मांग उठाई गई।आल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन ने बैंक प्रबंधन के तानाशाही रवैये की निंदा की। कहा कि काफी संख्या में कर्मियों के हो रहे रिटायरमेंट के बावजूद बीते तीन वर्ष से कर्मियों की भर्ती नहीं की जा रही। उप्र स्टेट ग्रामीण बैंक इंप्लाईज फेडरेशन के अध्यक्ष एलके सिंह ने कहा कि प्रबंधन द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासन के बावजूद भर्ती न किये जाने के कारण यूनियनों को दो दिवसीय हड़ताल के लिए विवश होना पड़ा है। कहा कि भारत सरकार द्वारा अधिकृत मित्रा समिति के अनुसार निर्धारित नई भर्ती करना, स्टाफ को गृह ऋण सुविधा देश के किसी भी राज्य में स्वीकृत किया जाना, बैंक ऑफ बड़ौदा से प्रतिनियुक्ति पर आए भर्ती संख्या में अधिकारियों की वापसी, अनफेयर लेबर प्रैक्टिस के निर्धारित नियमों में किए जा रहे खुले आम उल्लंघन को समाप्त किया जाना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो 15 जुलाई से बेमियादी हड़ताल होगी। संचालन निशांत सिंह ने किया। इस दौरान प्रवीण कुमार, द्वारिका राय, रामेश्वर सिंह, अमीर अहमद , इंद्रसेन सिंह, अनुज श्रीवास्तव, संदीप सिंह, आशीष तिवारी, आरडी सिंह, सुभाष यादव आदि मौजूद रहे।