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Azamgarh News: मनरेगा मजदूरों का डेढ़ करोड़ से अधिक बकाया
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अमिलो। विकास खंड सठियांव में मनरेगा मजदूरों का करोड़ों रुपये बकाया है। ब्लाॅक में मनरेगा के तहत कराए गए कच्चे काम की बजाय पहले पक्के काम का भुगतान हो रहा है। इससे अन्य मनरेगा मजदूर निराश हैं। उनका कहना है कि पहले कच्चे काम का भुगतान होता था। लगभग तीन महीने से एफीटीओ बनाकर इंतजार किया जा रहा है। लेकिन शासन ने भुगतान का धन नहीं आया।
सठियांव ब्लॉक में कुल 84 ग्राम पंचायत है। इन ग्राम पंचायतों मनरेगा मजदूरों से चकरोड, पोखरी खोदाई, समतलीकरण, बाहा खोदाई के साथ ही अमृत सरोवर व अन्य पक्का काम भी कराए जाते हैं। मनरेगा के मजदूरी सीधे खाते में भेजी जाती है। बीते 18 नवंबर से देखा जाय तो मनरेगा मजदूरों का डेढ़ करोड़ से अधिक बकाया चल रहा है। मनरेगा मजदूर राजेश, त्रिभुवन, रामचंद्र, आकाश आदि ने बताया कि पहले कच्चा काम का भुगतान होता था।
इसमें हमारा कोई रोल नहीं होता है। शासन से धन आता है और डीबीटी के माध्यम से मजदूरों के खाते में जाता है। - कविता तिवारी, बीडीओ सठियांव।
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सठियांव ब्लॉक में कुल 84 ग्राम पंचायत है। इन ग्राम पंचायतों मनरेगा मजदूरों से चकरोड, पोखरी खोदाई, समतलीकरण, बाहा खोदाई के साथ ही अमृत सरोवर व अन्य पक्का काम भी कराए जाते हैं। मनरेगा के मजदूरी सीधे खाते में भेजी जाती है। बीते 18 नवंबर से देखा जाय तो मनरेगा मजदूरों का डेढ़ करोड़ से अधिक बकाया चल रहा है। मनरेगा मजदूर राजेश, त्रिभुवन, रामचंद्र, आकाश आदि ने बताया कि पहले कच्चा काम का भुगतान होता था।
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इसमें हमारा कोई रोल नहीं होता है। शासन से धन आता है और डीबीटी के माध्यम से मजदूरों के खाते में जाता है। - कविता तिवारी, बीडीओ सठियांव।