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कुंभ मेला से अस्पताल को मिले लाखों के सामान गायब
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आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल को शासन से मिले काफी मात्रा में सामानों का कुछ अता-पता नहीं है। सामनों को रिसीव करने वाले के साथ ही स्टोर इंचार्ज इन समानों के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे है। वहीं अस्पताल के मुखिया भी सामानों के गायब होने की जानकारी होने के बाद भी अब तक मूक दर्शक बने हुए है।
प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला के दौरान सरकार ने स्नानार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पानी के तरह पैसा बहाया था। अरबों के सामानों की खरीद-फरोख्त हुई थी। मेला समाप्त होने पर इन सामानों को सरकारी अस्पतालों को भेज दिया गया। इसी के तहत मंडलीय अस्पताल को भी भारी मात्रा में सामान उपलब्ध कराये गये थे। कई प्रकार की जांच किट, जांच मशीन के साथ ही स्ट्रेचर, कुर्सी समेत 33 प्रकार के सामान इसमें शामिल थे। सामानों को चीफ फार्मासिस्ट अनिल राय ने रिसीव किया था। वहीं, इन सामानों में से काफी सामान स्टोर तक पहुंचने के पूर्व ही गायब हो गये। तत्कालीन स्टोर इंचार्ज रमेश का कहना है कि उन्हें जो सामान चीफ फार्मासिस्ट ने उपलब्ध कराया, उसे ही उन्होंने रिसीव किया बाकी के आगे शुन्य अथवा जितनी मात्रा में सामान मिला उसे अंकित कर दिया गया। सामान कहा है यह वहीं बता सकते है। वहीं चीफ फार्मासिस्ट का कहना है कि जो भी सामान आया वह अस्पताल में ही प्रयोग हो रहा है। स्पष्ट जानकारी चीफ फार्मासिस्ट के पास भी उपलब्ध नहीं है। वह सिर्फ कुंभ मेला के बाद मिले सामनों को रिसीव करने और उन सामानों को अस्पताल में होने की बात कह रहे है, लेकिन बिना स्टोर में गये सामन वितरित कैसे हुआ यह कोई बताने को तैयार नहीं है। तत्कालीन स्टोर इंचार्ज रमेश का वर्तमान में स्थानांतरण हो चुका है और डॉ. चंद्रहास को स्टोर का चार्ज दिया गया है, जिनसे संपर्क नहीं हो सका।
कुंभ मेले के बाद अस्पताल को उपलब्ध कराये गये सामानों के बारे में स्टोर इंचार्ज ही कुछ बता सकते है। वैसे जो भी सामान आये और उपयोग किये गये है उसकी सूची उपलब्ध होगी। जहां तक सामानों को अस्पताल में वितरित किये जाने की बात है तो यह काम स्टोर का न कि फार्मासिस्ट का। अब स्टोर इंचार्ज से इस बाबत जानकारी प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जायेगी। डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।
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प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला के दौरान सरकार ने स्नानार्थियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पानी के तरह पैसा बहाया था। अरबों के सामानों की खरीद-फरोख्त हुई थी। मेला समाप्त होने पर इन सामानों को सरकारी अस्पतालों को भेज दिया गया। इसी के तहत मंडलीय अस्पताल को भी भारी मात्रा में सामान उपलब्ध कराये गये थे। कई प्रकार की जांच किट, जांच मशीन के साथ ही स्ट्रेचर, कुर्सी समेत 33 प्रकार के सामान इसमें शामिल थे। सामानों को चीफ फार्मासिस्ट अनिल राय ने रिसीव किया था। वहीं, इन सामानों में से काफी सामान स्टोर तक पहुंचने के पूर्व ही गायब हो गये। तत्कालीन स्टोर इंचार्ज रमेश का कहना है कि उन्हें जो सामान चीफ फार्मासिस्ट ने उपलब्ध कराया, उसे ही उन्होंने रिसीव किया बाकी के आगे शुन्य अथवा जितनी मात्रा में सामान मिला उसे अंकित कर दिया गया। सामान कहा है यह वहीं बता सकते है। वहीं चीफ फार्मासिस्ट का कहना है कि जो भी सामान आया वह अस्पताल में ही प्रयोग हो रहा है। स्पष्ट जानकारी चीफ फार्मासिस्ट के पास भी उपलब्ध नहीं है। वह सिर्फ कुंभ मेला के बाद मिले सामनों को रिसीव करने और उन सामानों को अस्पताल में होने की बात कह रहे है, लेकिन बिना स्टोर में गये सामन वितरित कैसे हुआ यह कोई बताने को तैयार नहीं है। तत्कालीन स्टोर इंचार्ज रमेश का वर्तमान में स्थानांतरण हो चुका है और डॉ. चंद्रहास को स्टोर का चार्ज दिया गया है, जिनसे संपर्क नहीं हो सका।
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कुंभ मेले के बाद अस्पताल को उपलब्ध कराये गये सामानों के बारे में स्टोर इंचार्ज ही कुछ बता सकते है। वैसे जो भी सामान आये और उपयोग किये गये है उसकी सूची उपलब्ध होगी। जहां तक सामानों को अस्पताल में वितरित किये जाने की बात है तो यह काम स्टोर का न कि फार्मासिस्ट का। अब स्टोर इंचार्ज से इस बाबत जानकारी प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जायेगी। डॉ. एसकेजी सिंह, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।
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