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सरहद पर शहीद हुआ सैनिक दिलों में करता है राज : दारा सिंह चौहान
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अतरौलिया में शहीद मेला में शहीद भगवती सिंह की पत्नी ललिता देवी को सम्मानित करते डीएम एनपी सिंह।
- फोटो : AZAMGARH
अतरौलिया। भारत चीन युद्ध के दौरान 1962 में शहीद हुए भगवती प्रसाद सिंह की याद में बृहस्पतिवार को मदियापार में शहीद मेले और श्रद्धांजलि सभा हुई। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने शहीद भगवती प्रसाद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। वन मंत्री, डीएम एनपी सिंह और एसपी त्रिवेणी सिंह ने शहीद स्थल पर शहीद भगवती सिंह की स्मृति में पौधरोपण किया।
वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा की देश की रक्षा में शहीद हुए जवान कभी मरते नहीं हैं। वे 130 करोड़ हिंदुस्तानियों के दिलों में राज करते हैं। डीएम एनपी सिंह ने कहा कि शहीद भगवती प्रसाद सिंह के उपवन के विस्तार के लिए सरकार की तरफ से जितना भी सहयोग हो सकेगा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। शहीद की आत्मा अमरत्व को प्राप्त होती है। उन्हें मृतक या स्वर्गीय नहीं शहीद कहा जाता। अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह के परिवार को मैं नमन करता हूं कि इनके घर में अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह ने पुत्र के रूप में जन्म लेकर भारत माता की सेवा की। दारा सिंह चौहान और डीएन ने शहीद भगवती प्रसाद सिंह की पत्नी ललिता देवी, पुत्री सुदामा देवी, दामाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, अरविंद जायसवाल, प्रमोद सिंह, फूलचंद यादव, दौलत सिंह, प्रहलाद सिंह, विश्वजीत ने श्रद्धांजलि अर्पित की। रंगकर्मी सुनील कुमार विश्वकर्मा व उनकी टीम ने शहीद की याद में कार्यक्रम प्रस्तुत किया।सुर संग्राम विजेता वीरेंद्र भारती ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया।
डीएम की बात सुन भावुक हुआ परिवार
डीएम एनपी सिंह ने जब कहा कि शहीद भगवती प्रसाद का परिवार धन्य है तो शहीद की पत्नी ललिता देवी, सुदामा भावुक हो गए। कहा कि ऐसे आयोजन कराते रहने चाहिए, जिससे कि हमारी युवा पीढ़ी महापुरुषों का स्मरण रखे। आजमगढ़ की धरती अनेक शहीदों, साहित्यकार, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, महापुरूषों की गाथाओं से भरी है। आज हमें इन सभी के बारे में युवा पीढ़ी का बताने की जरूरत है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार और डीएम के सहयोग से आज प्रतिमा का अनावरण हुआ है। शहीद की आत्मा काफी खुश हुई होगी।
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वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा की देश की रक्षा में शहीद हुए जवान कभी मरते नहीं हैं। वे 130 करोड़ हिंदुस्तानियों के दिलों में राज करते हैं। डीएम एनपी सिंह ने कहा कि शहीद भगवती प्रसाद सिंह के उपवन के विस्तार के लिए सरकार की तरफ से जितना भी सहयोग हो सकेगा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। शहीद की आत्मा अमरत्व को प्राप्त होती है। उन्हें मृतक या स्वर्गीय नहीं शहीद कहा जाता। अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह के परिवार को मैं नमन करता हूं कि इनके घर में अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह ने पुत्र के रूप में जन्म लेकर भारत माता की सेवा की। दारा सिंह चौहान और डीएन ने शहीद भगवती प्रसाद सिंह की पत्नी ललिता देवी, पुत्री सुदामा देवी, दामाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह, अरविंद जायसवाल, प्रमोद सिंह, फूलचंद यादव, दौलत सिंह, प्रहलाद सिंह, विश्वजीत ने श्रद्धांजलि अर्पित की। रंगकर्मी सुनील कुमार विश्वकर्मा व उनकी टीम ने शहीद की याद में कार्यक्रम प्रस्तुत किया।सुर संग्राम विजेता वीरेंद्र भारती ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया।
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डीएम की बात सुन भावुक हुआ परिवार
डीएम एनपी सिंह ने जब कहा कि शहीद भगवती प्रसाद का परिवार धन्य है तो शहीद की पत्नी ललिता देवी, सुदामा भावुक हो गए। कहा कि ऐसे आयोजन कराते रहने चाहिए, जिससे कि हमारी युवा पीढ़ी महापुरुषों का स्मरण रखे। आजमगढ़ की धरती अनेक शहीदों, साहित्यकार, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, महापुरूषों की गाथाओं से भरी है। आज हमें इन सभी के बारे में युवा पीढ़ी का बताने की जरूरत है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार और डीएम के सहयोग से आज प्रतिमा का अनावरण हुआ है। शहीद की आत्मा काफी खुश हुई होगी।

अतरौलिया में शहीद भगवती सिंह की मूर्ति पर माल्यार्पण करते वन मंत्री दारा सिंह चौहान- फोटो : AZAMGARH
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