{"_id":"64957379a846b6b2a80afb38","slug":"mafia-kuntu-singh-appeared-in-azamgarh-gangster-court-amid-tight-security-2023-06-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh: कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर कोर्ट में पेश हुआ कुख्यात कुंटू सिंह, तीन मामलों में हुई सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh: कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर कोर्ट में पेश हुआ कुख्यात कुंटू सिंह, तीन मामलों में हुई सुनवाई
Fri, 23 Jun 2023 03:57 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 23 Jun 2023 03:57 PM IST
सार
यूपी के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल डी-11 गैंग का सरगना माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू को कासगंज जेल से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आजमगढ़ लाया गया। गैंगस्टर समेत तीन मुकदमों में उसकी पेशी हुई।
विज्ञापन
कड़ी सुरक्षा के बीच गैंगस्टर कोर्ट में पेश हुआ कुख्यात कुंटू सिंह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कुख्यात माफिया ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू और संजय यादव को कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को कासगंज जेल से पेशी पर आजमगढ़ लाया गया। दोनों को गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश रामानंद की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए अगली तारीख 24 जुलाई तय की।
विज्ञापन
डी-11 गैंग के सरगना माफिया कुंटी की तीन मामले में पेशी हुई। जिसमें गैंगस्टर के साथ एक स्कूल से रंगदारी मांगने के मामले में तो दूसरा जमीनी विवाद के मामले में कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में रिमांड पर भेजा। ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सिंह का नाम टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: चंदौली एलआईयू के इंस्पेक्टर के खिलाफ वाराणसी में मुकदमा, सहकर्मी की पत्नी की तहरीर पर कार्रवाई
विज्ञापन
कुछ ही दिन पूर्व 16 जून को माफिया कुंटू सिंह की पत्नी वंदना सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया था। वंदना पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उसकी पत्नी पर भी धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य गंभीर आरोप में पांच मुकदमे दर्ज हैं।
उसके खिलाफ वर्ष 2020 में जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। तभी से वह लगातार फरार चल रही थी। सरकारी अधिवक्ता के रूप में लोक अभियोजक संजय द्विवेदी रिमांड के दौरान उपस्थित रहे।